कुरूक्षेत्र: जनचेतना रैली कर शिअद ने 2019 के चुनाव का किया शंखनाद

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हरियाणा

कुरूक्षेत्र की पिपली अनाजमंडी में शिरोमणि अकाली दल की आज जनचेतना रैली की है. जनचेतना रैली कर शिरोमणि अकाली दल ने  2019 के चुनाव का शंखनाद कर दिया है. रैली के जरिए पार्टी के नेताओं ने मंच से विधानसभा और लोकसभा चुनाव में हरियाणा से ताल ठोकने की घोषणा भी कर दी है.

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के बाद देश के दूसरे सूबों में भी अपनी सियासी जमीन तलाशनी शुरू कर दी है. 2019 के चुनाव में पार्टी पंजाब से बाहर दूसरे राज्य में भी किस्मत आजमाना चाह रही है. इसी कड़ी में शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के साथ लगते हरियाणा के पीपली में रैली करके यह बता भी दिया और बता भी दिया कि आने वाले चुनाव में पार्टी सक्रिय भागीदारी करेगी. शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने रैली को संबोधित करते हुए हरियाणा में चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की और जीतने का दावा भी किया. रैली के दौरान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और बंसीलाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. रैली को संबोधित करते हुए सुखबीर बादल ने सिखों को भजनलाल और बंसीलाल के राज में किए गए दुर्व्यवहार को याद कराने की कोशिश की.

सुखबीर बादल ने इस मौके पर अकाली दल का विरोध करने वाले हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लोगों को भी इशारों इशारों में चेताया और बताया कि अब हरियाणा में शिरोमणि अकाली दल पूरी तरह से सक्रिय भूमिका में नजर आएगी. सुखबीर बादल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हरियाणा में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनती है तो पंजाब की तर्ज पर किसानों को बिजली मुफ्त दी जाएगी.

रैली के बाद जब शिरोमणि अकाली दल की महिला विंग की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर से पूछा गया कि दोनों प्रदेशों के बीच में चल रहे एसवाईएल के मुद्दे को लेकर पार्टी का अब क्या स्टैंड रहेगा तो उन्होने MH वन news से खास बातचीत में हरियाणा के हितों को ध्‍यान में रखने की बात कही. मंच से रैली को संबोधित करते हुए सुखबीर बादल ने हरियाणा के विकास को लेकर भी कई सवाल खड़े किए और यह कहा कि किस तरीके से पंजाब में विकास हुआ है लेकिन हरियाणा में विकास नहीं हुआ.

शिरोमणि अकाली दल ने इस रैली के जरिए हरियाणा में दस्तक तो दे दी है और यह भी जाहिर कर दिया है कि वह आने वाले चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे लेकिन पार्टी यह भी जानती है कि अकेला चलो की नीति पर यदि पार्टी चलती है जो सफर आसान नहीं रहेगा लिहाजा यह देखना होगा कि आने वाले वक्त में शिरोमणि अकाली दल की दस्तक से हरियाणा की राजनीति किस तरीके से करवट लेती है और प्रदेश में इस तरीके से राजनैतिक गणित बनता और बिगड़ता है.