फरीदाबाद में प्रदेश की दूसरी कैथलैब तैयार, दिल के मरीजों का होगा ईलाज

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फरीदाबादस्मार्टसिटी फरीदाबाद वासियों का बरसों लम्बा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया. बादशाह खान अस्पताल में मैडीट्रिना कंपनी द्वारा तीसरी मंजिल पर आईटी सेक्शन के इंजीनियरों ने रविवार को नीदरलैंड से लाई गई फिलिप्स कंपनी की कैथलैब मशीन को सफलतापूर्वक इंस्टॉल कर दिया. प्रदेश में यह दूसरी कैथलैब होगी जो बन कर तैयार हो गई है. पहली कैथलैब अंबाला में शुरू कर दी गई है. बीके में कैथलैब की लागत 10 करोड़ रुपए आई है. डिप्टी सीएमओ रमेशचन्द्र और अनुबंधित कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील कुमार ने बताया कि मशीन को नए साल के जनवरी महीने में ऑपरेशनल किया जाएगा. वहीं मैडीट्रिना कंपनी गुड़गांव व पंचकूला में भी कैथलैब इंस्टॉलेशन वर्क कर रही है. लेकिन यहां की कैथलैब को इंस्टॉल होने में अभी समय लगेगा.

तीसरी मंजिल पर कैथलैब सिविल वर्क को फिनीशिंग दी जा रही है. कैथलैब कक्ष को रेडियोरोधी लेड से लैस किया गया है. लेड कैथलैब मशीन से होने वाली एंजीयोप्लास्टी और एंजियोग्राफी से निकलने वाली रेडिएशन युक्त गामा किरणों को अवशोषित कर तकनीकी, नर्सिंग कर्मियों के शरीर को रेडिएशन की घातक डोज से बचाएगी.

यह है योजना 
बीके अस्पताल के तीसरी मंजिल पर पहले से बने हृदय केंद्र में सरकारी-निजी कंपनी भागेदारी (पीपीपी) में कैथलैब शुरू की जाएगी। इसके शुरू होने के बाद हृदय रोगियों की निजी अस्पताल की तुलना में 60 फीसदी सस्ते दर पर एंजीयोप्लास्टी और एंजियोग्राफी हो सकेगी। फिलहाल जिले में ऐसे मरीजों की जांच सुविधा नहीं होने से उन्हें दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) और पीजीआई रोहतक में भेजा जाता है।

सीसीयू, आईसीयू के साथ बना ईको व होल्टर रूम 
केरल की अनुबंधित मैडीट्रिना कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील कुमार और संजय ने बताया कि कैथलैब के समीप ही 5 बेड का आईसीयू और 6 बेड का सीसीयू, ईसीजी, मॉनिटरिंग के लिए कंसोल रूम, टीएमटी रुम, प्राईवेट रूम और कॉर्डियोलॉजी जांच के लिए ईको एण्ड होल्टर रूम बनाया गया है। इसके अलावा कैथलैब के एडमीन के लिए डाटा हब रूम भी होगा, जहां से एडमिन (इंचार्ज) कैथलैब में होने वाली गतिविधियों को सीसीटीवी कैमरों की मदद से लाइव देख सकेंगे और मॉनिटरिंग रहेगी. साथ ही 15 बेड का मेल एवं 6 बेड का फीमेल वार्ड, 1 कंसलटेंट, 3 नर्सिंग स्टेशन, 1 डॉक्टर ड्यूटी रूम बनाया गया है, जोकि वातानुकूलित होंगे. जनवरी माह में कैथलैब से एंजीयोप्लास्टी और एंजियोग्राफी का लाभ हृदय रोगियों को मिलने लगे.

होगा हार्ट के ब्लॉकेज के ऑपरेशन 
यहां हृदय रोगियों के ब्लॉकेज समेत जटिल ऑपरेशन हो सकेंगे. इसके लिए राजकीय अस्पताल में डॉक्टरों का एक पैनल तैयार किया जाएगा. इसमें दक्षिण भारत के कुछ नामचीन डॉक्टरों का भी सहयोग लिया जाएग. गंभीर हृदय रोगियों की जांच प्रक्रिया अस्पताल में ही पूरी की जाएगी. इसके लिए उन्हें मामूली खर्च करना पड़ेगा. अस्पताल में सभी उपकरण लगने के बाद जटिल ऑपरेशन के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी.