श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर भारत-पाक के बीच हुई बैठक, पूरे साल यात्रा की मांगी अनुमति

0
135
views

भारत और पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों के बीच करतारपुर कॉरिडोर मुद्दों पर चर्चा के लिए दूसरे दौर की वार्ता हुई. करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि. ‘हमारी ओर से अपेक्षित उच्च मांग को देखते हुए 5000 तीर्थयात्रियों को हर रोज गलियारे का उपयोग कर गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने की अनुमति दी जाए. साथ ही भारत ने डेरा बाबा नानक और आस-पास के क्षेत्रों में बाढ़ से संबंधित संभावित चिंताओं के बारे में अवगत कराया है. जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर तटबंध सड़क या उसके किनारे पर पाकिस्तान द्वारा बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था और इसे अंतरिम रूप से भी नहीं बनाया जाना चाहिए.

इससे पहले आज बैठक के दौरान गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास की अध्यक्षता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ, मोहम्मद फैसल से मिला

करतारपुर कॉरिडोर पर जारी बैठक के बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, ‘पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर को संचालित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध और सहयोग कर रहा है। 70% से अधिक गुरुद्वारा का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. हमें आज उत्पादक चर्चा होने की उम्मीद है.

बता दें, भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास और विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (PAI-पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान) दीपक मित्तल कर रहे हैं. वहीं बैठक में पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल की अध्यक्षता में 20 पाकिस्तानी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहा है.

क्यों खास है करतारपुर कॉरिडोर 
यह गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर साहिब को गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक मंदिर से जोड़ेगा और भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के वीजा-मुक्त आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा, जिन्हें सिख संस्थापक गुरू नानक देव द्वारा 1522 में स्थापित करतारपुर साहिब जाने की अनुमति लेनी होगी।