काबुल: चीन की तरफ से सभी लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग एप पर प्रतिबंध लगाने के करीब एक महीने बाद अफगानिस्तान ने शनिवार को देश में व्हाट्सएप पर 20 दिनों के लिए रोक लगा दी है. 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के मुताबिक, अफगानिस्तान सरकार ने कई निजी दूरसंचार कंपनियों को देश में व्हाट्सएप और टेलीग्राम इंस्टैंट मैसेजिंग सेवाओं को सस्पेंड करने के लिए कहा है. इस कदम को नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी को कम करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, सलाम टेलीकॉम के ग्राहकों के लिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम दोनों ही काम नहीं कर रहे हैं.

काबुल: अफगानिस्तान में दो अलग-अलग मस्जिदों में हुए आत्मघाती हमलों में 63 से अधिक लोगों की मौत हो गई. पहला हमला राजधानी काबुल की एक शिया मस्जिद में हुआ जहां एक आत्मघाती हमलावर ने शाम की नमाज के दौरान खुद को विस्फोट में उड़ा लिया. इस हमले में 30 लोगों की मौत हो गई और 45 अन्य घायल हो गए. मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. काबुल के पुलिस प्रवक्ता अब्दुल बसीर मुजाहिद ने बताया, ‘‘दुर्भाग्य से आत्मघाती हमलावर ने दश्त-ए- बार्ची मस्जिद में नमाजियों के बीच खुद को विस्फोट में उड़ा दिया.’’ पुलिस ने शुरू में कहा

काबुल अफगानिस्तान में एक बार फिर फिदायीन हमला हुआ है जिसमें लगभग 32 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 200 लोग इस हमले में घायल हो गए हैं। यह हमला अफगानिस्तान के दक्षिणपूर्व में स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र पर हुआ। पख्तिया प्रांत के आंतरिक मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है, 'सबसे पहले एक आत्मघाती हमलावर ने प्रशिक्षण केंद्र के पास विस्फोटकों से भरी हुई एक कार विस्फोट किया, जिसके बाद कई हमलावरों ने परिसर के  अंदर प्रवेश करते हुए हमला शुरू कर दिया।' आतंकी संगठन तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। समाचार एजेंसी एएफपी से बात करते हुए

वाशिंगटन अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि पेंटागन ने अफगानिस्तान में अपने देश की सैन्य उपस्थिति को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 3,000 सैनिकों को भेजने की योजना बनाई है. मैटिस ने संवाददाताओं को सोमवार को बताया, 'करीब 3,000 सैनिकों की तैनाती की योजना है और वास्तव में मैंने अभी तक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि हम बहुत छोटी-छोटी और खास चीजों पर ध्यान रख रहे हैं.' 'एफे' की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त के आखिर में अमेरिका ने पुष्टि की थी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एशियाई देश के लिए नई रणनीति के हिस्से के तहत अफगानिस्तान में अधिक सैनिक

काबुल अफगानिस्तान में आतंकियों ने 35 लोगों को किडनैप कर लिया है। ये घटना जावजान प्रांत की है और इसके पीछे इस्लामिक स्टेट (आईएस) और तालिबान समर्थित आतंकवादियों ने हाथ होने की बात सामने आ रही है। अफगान नेशनल आर्मी ने इस घटना की पुष्टि की। - लोकल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआईएस और तालिबान दोनों ने प्रांत के कुश टीपा और दरजाब जिलों के बीच रास्ते पर चौकियों का कंस्ट्रक्शन किया है। - ये दोनों की एक-दूसरे के विरोधी संगठन हैं और इनकी लड़ाई में देश के आम लोग भी बुरी तरह शिकार बन रहे हैं। - दोनों आतंकवादी संगठन एक-दूसरे पक्षों के

अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंड प्रांत के नावा जिले में हुए एक आत्मघाती बम हमले में 13 लोगों की मौत और 18 अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक नावा जिले के डोपुल इलाके में एक आत्मघाती हमलावर ने एक हथियारबंद वाहन के सामने विस्फोट कर दिया। टोलो समाचार ने गवर्नर उमर जवाक के प्रवक्ता का हवाला देते हुए कहा कि विस्फोट में 18 नागरिक और सैन्य कर्मचारी घायल हो गए। हमला एक सैन्य वाहन के पास किया गाय। हालांकि, टोलो समाचार के मुताबिक पहले 2 लोगों की मौत बताई गई थी जो बाद में बढ़कर 13 हो गई। हमले की तालिबान

वॉशिंगटन आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की फटकार के एक दिन बाद ही पाकिस्तान को फिर इस मसले पर यूएस ने खरी-खरी सुनाई है। अफगानिस्तान में भारत की विकास संबंधी गतिविधियों पर इस्लामाबाद की चिंताओं को खारिज करते हुए अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान युद्ध प्रभावित इस देश में आतंकियों को अपना समर्थन जारी रखने के लिए भारत को सिर्फ एक बहाना बना रहा है। रिपब्लिकन प्रतिनिधियों के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, 'अफगानिस्तान में जो कुछ भारत कर रहा है, वह पाकिस्तान के लिए खतरा नहीं है। वे सैन्य ठिकाने नहीं बना रहे। वे

अफगानिस्तान के दक्षिणी कंधार प्रांत स्थित सैन्य ठिकाने पर आतंकी संगठन तालिबान ने हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 26 अफगान सैनिकों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा घायल हो गए. इसके अलावा आठ सैनिक अभी तक लापता हैं. तालिबान आतंकियों ने यह हमला मंगलवार रात किया. टोलो न्यूज के मुताबिक जब तालिबान आतंकियों ने दक्षिणी कंधार प्रांत के खाक्रिज जिले में स्थित सैन्य ठिकाने पर हमला बोला, उस समय वहां पर 82 सैनिक मौजूद थे. इसके अलावा बाकी सैनिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं. वहीं, अफगानिस्तान के उत्तरी बघलान के बघलान-ए-मरकजी जिले में सैन्य अभियान में कम से कम

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब सात बजे एक कार बम हमले में कम से कम 35 लोग मारे गये और 40 अन्य घायल हो गये. हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है. पश्चिमी काबुल में आज सरकारी कर्मचारियों को लेकर जा रही बस को एक कार बम से निशाना बनाया गया. इस हमले की जानकारी गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने दी. दानिश ने कहा, सुबह भीड़-भाड़ के वक्त खनन मंत्रालय के कर्मचारियों को लेकर जा रही बस को कार बम से निशाना बनाया गया. हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है. गौरतलब है

अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत में स्थित एक बैंक में गुरुवार को हुए विस्फोट और गोलीबारी में 24 अफगानिस्तानी मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए. आधिकारिक प्रवक्ता उमर जवाक ने बताया, "लश्कर गाह शहर में दोपहर को काबुल बैंक की शाखा पर गोलीबारी हुई और एक आत्मघाती हमलावर ने कार में विस्फोट कर दिया." हमले के दौरान कई नागरिक और सुरक्षाकर्मी इमारत में प्रवेश का इंतजार कर रहे थे. प्रवक्ता ने कहा कि घायलों को एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. हमले में मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है. हालांकि अभी इस कार ब्लास्ट में मृतकों की संख्या