नई दिल्ली अब ट्रेन में यात्रा करते हुए पहचान के लिए आधार कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं होगी. मोबाइल फोन पर मौजूद एम-आधार ही पहचान के लिए पर्याप्त होगा. रेलवे ने एम-आधार को पहचान के सबूत के रूप में स्वीकार कर लिया है. रेल मंत्रालय ने किसी भी आरक्षित वर्ग में यात्रा के उद्देश्य के लिए पहचान के निर्धारित सबूत के रूप में एम-आधार (मोबाइल एप पर आधार कार्ड) को अनुमति देने का निर्णय लिया है. मंत्रालय ने बुधवार को यह घोषणा की. रेलवे ने कहा है कि "यात्री द्वारा अपने मोबाइल पर पासवर्ड दर्ज करने के बाद दिखाए गए एम-आधार को भारतीय रेलवे के

अंबाला आधार कार्ड बनवाने और उसे अपडेट कराने की सुविधा अब डाकघरों में भी होगी. एक सप्ताह के भीतर आठ जिलों के 15 मुख्य डाकघरों में भी इसकी शुरुआत हो जाएगी. इसके अतिरिक्त हरियाणा परिमंडल के 504 विभागीय डाकघरों में एक माह के भीतर यह सुविधा दी जाएगी. मंगलवार को इसकी शुरुआत अंबाला के जीपीओ से हो चुकी है. चीफ पोस्टमार्टर जनरल सुखदेव राज ने मंगलवार को अंबाला जीपीओ में आधार अपडेट केंद्र के शुभांरभ के दौरान यह जानकारी दी. कर्नल सुखदेव राज ने बताया कि मात्र 25 रुपये देकर आधार कार्ड धारक अपना नाम, पता, जन्मतिथि व मोबाइल नंबर अपडेट करा