तेहरान ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने आज कहा कि उनके देश के खिलाफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक रणनीति यह दिखाती है कि अमेरिका ‘‘परमाणु समझौते के अपने विरोध में अलग-थलग पड़ गया है.’’ट्रंप ने व्हाइट हाउस में काफी समय से प्रत्याशित भाषण में 2015 के परमाणु समझौते के लिए अपना समर्थन ‘‘वापस’’ ले लिया और इसकी किस्मत का फैसला कांग्रेस पर छोड़ दिया. रुहानी ने कहा, ‘‘आज अमेरिका परमाणु समझौते के अपने विरोध और ईरानी लोगों के खिलाफ अपने मंसूबों में सबसे ज्यादा अलग थलग पड़ा है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज जो भी सुना गया वे केवल बेबुनियाद

अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए मतदान किया. अमेरिका और उसके सहयोगियों को कमजोर करने वाले रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खतरनाक एवं युद्धकारी कदमों के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने के लिए भारी मतदान किया गया. अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन ने कल तीन के मुकाबले 419 मतों से रूस, ईरान और उत्तर कोरिया प्रतिबंध विधेयक को पारित किया. इस विधेयक का उद्देश्य अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव में हस्तक्षेप करने और यूक्रेन एवं सीरिया में मास्को की सैन्य आक्रामकता के लिए उसे दंडित करना है. इसका मकसद ‘‘आतंकवाद को समर्थन

ईरान की संसद और यहां के क्रांतिकारी संस्थापक रूहुल्लाह खोमैनी के मकबरे पर आज बंदूकधारियों और आत्मघाती हमलावर ने सुनियोजित हमले किए जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 39 से ज्यादा लोग घायल हो गए. सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी. हमले के पीछे किसका हाथ है, यह अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट समूह के खिलाफ लड़ाई में ईरान एक अह्म भूमिका निभा रहा है. उधर ईरान की राजधानी में आज हुए दोहरे हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली. आईएस की प्रचार एजेंसी अमाक ने यह जानकारी दी. एक