विधानसभा चुनाव के बाद हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस एक्शन के मूड में नजर आ रही है. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विधानसभा चुनाव में अनुशासनहीनता और पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ गुप्त तरीके से विरोधी कार्रवाई करने के चलते 23 सदस्यों को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है. ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस उम्मीदवारों के अनुमोधन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह फरमान जारी किया है. इसके साथ ही उनकी प्राथमिक सदस्यता को 6 साल के लिए रद्द कर दिया है. किन्हें दिखाया गया बाहर का रास्ता कांग्रेस ने पार्टी विरोधी काम पर बैजनाथ से सुखराम, इंद्र नंदा, होंसर राम, विलायती

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति सरगर्मी बढ़ती जा रही है. मंडी इलाके के पांच स्थानीय नेता बीजेपी में शामिल हो गए हैं,,ये सभी नेता सीएम वीरभद्र सिंह के करीबी बताए जा रहे हैं. मंडी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मंत्री और विधायक जयराम ठाकुर ने स्थानीय नेताओं का स्वागत किया. इन नेताओं में ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन दिलीप ठाकुर,पंचायती राज संगठन मंडी के जिला संयोजक खेम सिंह ठाकुर, पूर्व बीडीएस चेयरमैन सूर्यमणि चौहान,बीडीएस गोहर के पूर्व चेयरमैन खेम सिंह राणा स्थानीय नेता चित्र सिंह के अलावा और भी कई स्थानीय नेताओं ने कांग्रेस का

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। दूसरे दिन भी सदन में दादूपुर नलवी नहर परियोजना पर जमकर हंगामा हुआ। दादूपुर नहर मामले को लेकर सरकार के असंतुष्ट कांग्रेस अौर इनेलो ने सदन से वाकआउट कर लिया। इससे पहले इनेलो परियोजना पर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव मूव करना चाहती थी, जबकि स्पीकर ने इनेलो के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए अभय सिंह चौटाला को चर्चा की अनुमति दी। स्पीकर के कहा कांग्रेस चर्चा में भाग ले सकती है। कांग्रेस की लंबी बहस के बाद स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। इससे पूर्व इनेलो नेता व नेता

नई दिल्ली हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किये जाने को लेकर कांग्रेस की आलोचना को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा ने कहा है कि राजनीति में लड़ाई मुद्दों के आधार पर लड़ी जाती है और इस बारे में कांग्रेस का आरोप अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार छिपाने का प्रयास है. भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त एवं सुशासन युक्त सरकार देने को कृतसंकल्प है. भाजपा ने कहा कि जनता के मूड से लगता है कि हिमाचल प्रदेश में उसे 50 से अधिक सीटें प्राप्त होगी. हिमाचल प्रदेश मामलों के पार्टी प्रभारी एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा,

शिमला कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मंडी में सात अक्टूबर को होने वाली रैली के लिए पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू के मुताबिक रैली पड्डल मैदान में होगी और इसमें करीब 40 हजार लोग जुटाने का लक्ष्य है। भीड़ जुटाने की प्रमुख जिम्मेदारी मंडी संसदीय क्षेत्र के नेताओं की होगी और इसी क्षेत्र से ज्यादातर कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। सुक्खू ने बताया कि राहुल गांधी सात अक्टूबर को सुबह साढ़े दस बजे मंडी पहुंचेंगे और दोपहर को लोगों को संबोधित करेंगे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर लगाए जा रहे कयासों के बीच राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख सचिन पायलट ने कहा है कि वह दिवाली के बाद पार्टी की कमान संभाल सकते हैं. पायलट ने कहा कि इसकी योजना काफी समय से चल रही है. सचिन पायलट ने कहा है कि पार्टी में आम भावना यही है कि राहुल गांधी कमान संभालें. एक सवाल पर पायलट ने कहा कि प्रियंका वाड्रा को खुद ही निर्णय लेना है कि उन्हें राजनीति में आना है या नहीं. वह कांग्रेस परिवार की सदस्य हैं और समय-समय पर जरूरत के हिसाब

गुरदासपुर उपचुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया. सबसे पहले कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ अपने समर्थकों के साथ नामांकन भरने पहुंचे. उनके साथ पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे.इस मौके पर सुनील जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जनता के लिए काम किया है और आगे भी करती रहेगी.वहीं, बीजेपी उम्मीदवार ,स्वर्ण सलारिया ने भी समर्थकों के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया.

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के मद्देनजर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महासचिव मोहन प्रकाश और सचिव राकेश कालिया को हटा दिया है। उनके स्थान पर महासचिव दीपक बाबरिया और दो सचिवों जुबेर खान व संजय कपूर को मप्र कांग्रेस कमेटी का प्रभारी बनाया गया है। यही नहीं मध्यप्रदेश की महिला कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाते हुए असम से सांसद सुष्मिता देव को महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महासचिव व सचिव की नियुक्ति को लेकर दो दिनों से

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की चुनाव नहीं लड़ने की हाईकमान को जताई मंशा से कांग्रेस के खेमों में गहमागहमी बढ़ गई है। वीरभद्र के चुनाव नहीं लड़ने के दांवपेंच के खिलाफ सुक्खू कैंप ने हाईकमान में अपनी लॉबिंग तेज कर दी है। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू को हटाने का सीएम ने अंतिम दांव चला है। सुक्खू को हटाकर करीबी की ताजपोशी की जंग अब आखिरी पड़ाव पर है। दोनों खेमे अपने विधायकों-मंत्रियों को साथ बनाए रखने में जुटे हैं। उधर, हाईकमान ने ईमेल मिलने के बाद अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूत्रों की मानें तो हाईकमान ने

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन करने के बाद आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार कांग्रेस पर खुलकर हमला बोला है. नीतीश कुमार ने अपने बयान में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए जदयू को कांग्रेस ने भरोसे में नहीं लिया. नीतीश कुमार का कहना है कि विपक्ष की आज जो स्थिति है उसके लिए कांग्रेस खुद ही जिम्मेदार है. यहां यह गौरतलब है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार है और कांग्रेस, आरजेडी के साथ इस महागठबंधन में शामिल है. पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में नीतीश कुमार ने कहा, 'क्या विपक्ष की एकता के बिना कांग्रेस