अब पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। शौरी ने कहा कि आप भले ही नोटबंदी को साहसिक कदम बताएं लेकिन ये खुदकुशी करने जैसा मामला है। केंद्र सरकार को फिलहाल ढाई लोग चला रहे हैं। हाल ही में पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर यशवंत सिन्हा ने कहा था कि इकोनॉमी में तो पहले से ही गिरावट आ रही थी, नोटबंदी ने तो सिर्फ आग में घी का काम किया। शौरी ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, सरकार का केवल नए खुलासों  पर जोर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रात को कहा कि

केंद्र सरकार ने मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने से मना कर दिया है। आरडी मंत्रालय ने इसकी फाइल सरकार को लौटा दी है। इसमें कहा गया है कि अभी मनरेगा में दिहाड़ी को नहीं बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में जो दिहाड़ी चल रही है, सरकार को इसी दिहाड़ी से ही पंचायतों में विकास कार्य कराने होंगे। सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया कि पंचायतों में विकास कार्य करने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इसका कारण दिहाड़ी का कम होना है। ऐसे में मजदूरों का पैसा बढ़ाया जाना आवश्यक हो गया

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली-NCR में पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों पर रोक के आदेश को बरकरार रखा है. NGT के इस आदेश से केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा है. केंद्र सरकार ने NGT में अपील की थी कि वह अपने इस आदेश को मॉडिफाई करे. NGT के इस आदेश के बाद अब दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर रोक लग जाएगी. केंद्र सरकार ने NGT के इस आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की थी. लेकिन कोर्ट ने वापस इस मामले को एनजीटी के पाले में ही डाल दिया था.  NGT

घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए आर्मी जीप पर कश्मीरी शख्स को बांधे जाने की घटना को लेकर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बचाव किया है. उन्होंने कहा कि सैनिकों को कश्मीर के 'डर्टी वॉर' से निपटने के लिए नए-नए तरीके खोजने की जरूरत है. उन्होंने कहा, जब लोग हमपर पत्थर और पेट्रोल बम फेंक रहे हों तो मैं अपने लोगों से 'देखते रहने और मरने' के लिए नहीं कह सकता. सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि मैं खुश होता अगर प्रदर्शनकारी पत्थर फेंकने के बजाए हथियारों से फायर कर रहे होते. रावत के मुताबिक, कश्मीर मुद्दे के ठोस

1984 के सिख विरोधी दंगों में उत्तर प्रदेश में अपनी सारी संपत्ति गंवाकर पंजाब आ बसे दंगा पीड़ितों ने मुआवजे के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और केंद्र सरकार को 2 अगस्त तक इस मामले में पक्ष रखने के आदेश दिए हैं. मामले में याचिका दाखिल करते हुए पीड़ितों की ओर से इंद्रबीर सिंह छटवाल ने कहा कि दंगों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ था. इस दौरान पंजाब के साथ ही उत्तर प्रदेश व अन्य हिस्सों में लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था. ऐसे ही कुछ