चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के दो निकट सहयोगियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. डेरा प्रमुख को 20 साल कैद की सजा हुई है. यह लुकआउट नोटिस राम रहीम की गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत कौर और डेरा के प्रवक्ता आदित्य इन्सां के लिए जारी किए गए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन दोनों सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पुलिस ने उन्हें देश छोड़कर फरार होने से रोकने के लिए नोटिस जारी किया है. डेरा प्रमुख को हेलीकॉप्टर से पंचकूला से रोहतक ले जाने तक हनीप्रीत सिंह उनके साथ थी. इसके बाद डेरा प्रमुख

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने कोर्ट में पेश होने से पहले ही एक खौफनाक साजिश रची थी। राम रहीम का सजा सुनाए जाने के बाद अपने सिक्योरिटी कमाडोंज की मदद से भागने का प्लान था। ये खुलासा हरियाणा पुलिस के आईजी केके राव ने किया है। केके राव उस समय पंचकूला में ही तैनात थे। उन्होंने बताया कि बाबा पूरी प्लानिंग के साथ पंचकूला की कोर्ट में पहुंचे थे। उन्होंने अपने बॉडीगार्ड्स को पहले ही बता दिया था कि जैसे ही कोर्ट का फैसला आएगा तो उन्हें क्या करना होगा। उन्हें भगाने की प्लानिंग में उनकी सिक्युरिटी में तैनात हरियाणा

रेप केस में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के लिए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है. उनको 20 साल की सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने धारा 376, 511 और 506 के तहत 10 साल की सजा सुनाई है. आपको बता दें, CBI कोर्ट ने दो केस में 10-10 साल की सजा सुनाई है, जो कि अलग-अलग पूरी करनी होंगी. इसके अलावा कोर्ट ने 30 लाख रुपए जुर्माना लगाया है, जिसमें से 14-14 लाख रुपए पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा. सजा पर बहस पूरी होने के बाद राम रहीम कोर्ट में रो

फरीदाबाद डेरा प्रमुख पर आने वाले फैसले को देखते हुए हिंसा फैलने की आशंका के चलते हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड ( एचवीपीएनएल ) ने सभी पावर हाउसों की सुरक्षा कड़ी कर दी है। एचवीपीएनएल के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर गुलशन नागपाल ने कहा कि सभी पार हाउस पर सुरक्षा कर्मियों के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए है। साथ विभाग के अधिकारी की भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। सभी पावर हाउस की राउंड द क्लॉक चेकिंग की जा रही है। बता दें कि इंडस्ट्रियल सिटी में 28 पावर हाउस है। जिनसे बिजली संचालित होती है। औद्योगिक सिटी में ये पावर हाउस खास

रोहतक पंचकूला में हुई आगजनी से सबक लेते हुए रोहतक में पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर ही तुरंत एक्शन लेने की छूट रहेगी। मोर्चा संभाले जवानों को संदिग्ध गतिविधि पर असामाजिक तत्वों को गोली मारने के निर्देश दिए गए हैं। सुबह से ही पूरा रोहतक और सिरसा सेना की निगरानी में रहेगा। पूरे जेल परिसर की सुरक्षा कड़ी करते हुए रोहतक में अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियां तैनात की गई हैं। सेना स्टैंड बाई पर रहेगी, जबकि पूरे जोन के अलावा प्रदेश के दूसरे स्थानों से बुलाए गए पुलिस अधिकारी और जवान भी मोर्चा संभाले रहेंगे। आपको बता दें कि

डेरा प्रमुख सजा के एलान से पहले हरियाणा के साथ पंजाब भी हाई अलर्ट पर है। फैसला आने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी हाई-लेवल अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने इस दौरान पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था की डीटेल रिपोर्ट ली। उधर,  एतिहातन पंजाब और हरियाणा में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद रखने का फैसला किया गया है। यह रोक मंगलवार सुबह 11.30 बजे तक जारी रहेगी।

रोहतक डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद सोमवार को सजा सुनाई जाएगी. रोहतक के सुनारिया जेल में बंद डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के लिए सीबीआई की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह रोहतक पहुंचेंगे और जेल में ही अदालत लगेगी. यहीं डेरा प्रमुख को सजा सुनाई जाएगी. इस इलाके में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है और यहां हर गाड़ी की तलाशी ली जा रही है. हर आने-जाने वाले से उसकी पहचान पूछी जा रही है. शहर के अदंर और बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं. यहां धारा 144 लगी हुई है. जेल के दोनों तरफ़ 5

सिरसा सिरसा में ढील के बाद फिर से कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं, हरियाणा डीजीपी बी एस संधू का कहना है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर फैसले के बाद उनके सुरक्षाकर्मी पुलिस अफसरों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे, जिसके तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने पर पंचकूला में हुई हिंसा पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस से फोन कॉल की डिटेल मांगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या डेरा प्रमुख की ओर से कोई ऐसा अपने समर्थकों कोई ऐसा संदेश गुप्त रूप से भेजा था जिसमें उन्होंने

चंडीगढ़ डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के महज कुछ ही देर बाद पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था भी धरी की धरी रह गई। डेरा प्रेमियों ने करीब 9 जिलों में आगजनी की। हिंसा के बाद नौ जिलों में सेना की तैनाती कर दी गई है। इस दौरान कहीं पर सेवा केंद्र फूंका गया तो कहीं पर टेलीफोन एक्सचेंज को फूंकने का प्रयास किया। प्रशासन ने आठ जिलों बठिंंडा, मानसा, फरीदकोट, फिरोजपुर, मोगा, पटियाला, बरनाला व संगरूर में कर्फ्यू लगा दिया है। इसके अलावा फाजिल्का व मुक्तसर की एक-एक तहसील में भी कर्फ्यू लगाया गया है। इन