काबुल अफगानिस्तान में आतंकियों ने 35 लोगों को किडनैप कर लिया है। ये घटना जावजान प्रांत की है और इसके पीछे इस्लामिक स्टेट (आईएस) और तालिबान समर्थित आतंकवादियों ने हाथ होने की बात सामने आ रही है। अफगान नेशनल आर्मी ने इस घटना की पुष्टि की। - लोकल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआईएस और तालिबान दोनों ने प्रांत के कुश टीपा और दरजाब जिलों के बीच रास्ते पर चौकियों का कंस्ट्रक्शन किया है। - ये दोनों की एक-दूसरे के विरोधी संगठन हैं और इनकी लड़ाई में देश के आम लोग भी बुरी तरह शिकार बन रहे हैं। - दोनों आतंकवादी संगठन एक-दूसरे पक्षों के

अफगानिस्तान के दक्षिणी कंधार प्रांत स्थित सैन्य ठिकाने पर आतंकी संगठन तालिबान ने हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 26 अफगान सैनिकों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा घायल हो गए. इसके अलावा आठ सैनिक अभी तक लापता हैं. तालिबान आतंकियों ने यह हमला मंगलवार रात किया. टोलो न्यूज के मुताबिक जब तालिबान आतंकियों ने दक्षिणी कंधार प्रांत के खाक्रिज जिले में स्थित सैन्य ठिकाने पर हमला बोला, उस समय वहां पर 82 सैनिक मौजूद थे. इसके अलावा बाकी सैनिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं. वहीं, अफगानिस्तान के उत्तरी बघलान के बघलान-ए-मरकजी जिले में सैन्य अभियान में कम से कम

पाक में बैन 64 आतंकी संगठनों में से 41 फेसबुक पर खुलकर एक्टिव हैं. ये संगठन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत और कश्मीर पर अपने एजेंडे को फैलाने में जुटे हैं. इन संगठनों में पाकिस्तान तालिबान और सांप्रदायिक समूह लश्करे-झांगवी भी शामिल हैं. पाक के एक अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है. इसमें कहा गया है कि ये आतंकी संगठन पाक के ढाई करोड़ (25 मिलियन) यूजर्स से सिर्फ एक क्लिक दूर हैं. ये आतंकी संगठन सोशल मीडिया के जरिये पब्लिक से और आपस में भी जुड़े हुए हैं. पाक में बड़ी संख्या