पराली जलाने पर रोक लगाने के एनजीटी के तमाम आदेशों के बावजूद किसानों का पराली को आग लगाने का सिलसिला जारी है. फतेहाबाद में शहर से पांच किलोमीटर दूर किसानों ने सड़क किनारी दर्जनों एकड़ में पराली को आग के हवाले कर दिया. जिसके वजह से मंगलवार शाम करीब पांच बजे के बाद अचानक फतेहाबाद शहर और आसपास के बड़े क्षेत्र में जबरदस्त स्मॉग छा गया. जलती पराली से धुआं और प्रदूषण हल्की हवाओं के साथ शहर की तरफ फैल गया और शाम ढलने से पहले ही विजिबिलिटी बेहद कम हो गई. लोगों को आंखों में जलन की शिकायत होने लगी.

पंजाब में स्मॉग की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। लोगों को जल्‍द ही स्‍मॉग से राहत मिलने की उम्‍मीद है। पश्चिमी विक्षाेभ यदि 'डिस्टर्ब' न हुआ तो जल्द ही पंजाब में बारिश होगी। इसके लिए महज चार दिन का इंतजार करना होगा। चंडीगढ़ के इंडिया मैट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट के अनुसार बारिश के बाद स्‍मॉग से राहत मिलेगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पंजाब में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते लो प्रेशर बन रहा है। लो प्रेशर बनने से पंजाब में 14 से 16 नवंबर के बीच बारिश हो सकती है। कई जगहों पर बादल छाए रहने व

बढ़ते स्मॉग पर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने  चिंता जताई है. साथ ही कहा कि प्रदुषण को रोकने के लिए हमने सभी जरूरी कदम उठाए हैं. और लोगों से भी पराली न जलाने का भी आग्रह किया है. आपकों बता दें पंजाब और हरियाणा में किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली की वजह से दिल्ली- एनसीआर की हवा जहरीली हो गई गई. आलम ये है कि लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

अंबाला खेतों में पराली न जलाने की हिदायत को लेकर भले ही सुप्रीम कोर्ट कितना भी सख्त हो, लेकिन हरियाणा में खेतों में आग लगा कर अवशेष जलाने का सिलसिला जारी है. ताजा मामला अंबाला के नारायणगढ़ के गांव मिलक का है जहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग किसान प्रेम चंद गया तो अपने खेतों में पानी देने था लेकिन वह वहां खुद आग में झुलस कर मौत का ग्रास बन गया. दरअसल प्रेम चंद वालिया के खेतों में गन्ने की फसल खड़ी थी जिसमे वह पानी देने गए थे, लेकिन  पड़ोस के साथ लगते खेतों में खेत के मालिक सतपाल और उसके

पटियाला पराली के धुएं से गैस चैंबर बनते जा रहे पंजाब में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खराब होता जा रहा है। सरकारी तंत्र के तमाम प्रयासों के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं बंद नहीं हुई हैं। इसकी तस्दीक पीपीसीबी के वायु प्रदूषण के आंकड़े खुद करते हैं। हालांकि, पीपीसीबी का दावा है कि किसानों में पराली जलाने का रुझान घटा है। पंजाब में धान की कटाई का काम अंतिम चरण में है। राज्यभर में अभी तक पराली जलाने के 9469 मामले सामने आ चुके हैं। पंजाब में करीब 70 फीसद धान की कटाई हो चुकी है। ऐसे में तकरीबन 80 लाख

पटियाला  इस बार बेशक पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य में दीवाली की रात पटाखे कम चले परंतु किसानों ने इसकी कसर पटाखों की आड़ में पराली जलाकर पूरी कर दी। सैटेलाइट से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार दीवाली की रात राज्य के सभी जिलों में करीब 1188 खेतों में पराली को आग लगाई गई। इसी तरह से दीवाली के बाद शुक्रवार को इससे भी भयावह तस्वीर देखने को मिली। शुक्रवार को सैटेलाइट में खेतों में आग लगाने के करीब 1608 मामले रिकार्ड हुए। हालांकि दीवाली से पहले यह एवरेज 400 के करीब थी, लेकिन दीवाली की रात ही यह

पंजाब में पराली जलाने के मुद्दे को लेकर किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. संगरूर में किसान धरने पर बैठे हुए हैं. किसानों का कहना है कि उन्हें पराली ना जलाने की एवज में मुआवजा दिया जाए. आपको बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रब्यूनल ने प्रदूषण का हवाला देते हुए पराली जलाने पर रोक लगाई हुई है.

धान की कटाई के बाद किसान अक्सर धान के अवशेष को खुले में लगा देते है जिससे पर्यावरण के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य को भी बडी हानि पहुंचती है. लेकिन इस बार ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट इस मामले में सख्त हो गया है और सरकार को इससे निपटने के सख्त आदेश दिए है. सरकार की ओर से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को पत्र जारी कर सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली है. सरकार के नियमानुसार अब किसी किसान ने धान के अवशेष को आग लगाई तो उस पर कृषि विभाग द्वारा भारी भरकम जुर्माना लगाया जाएगा, जिसको लेकर सर्कलुर जारी

एनसीआर और आसपास प्रदूषण का एक बड़ा कारण पराली की समस्या से निपटने का नया रास्ता बनता दिखाई दे रहा है। एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी ने पराली से हार्डबोर्ड बनाने में हरियाणा सरकार के साथ मिलकर काम करने की दिलचस्पी दिखाई है। ऑस्ट्रेलिया की एमपैन पराली से हार्डबोर्ड बनाती है। हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनकड़ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए थे। मंत्री ने कंपनी के अधिकारियों के साथ इस सिलसिले में बात की। अधिकारियों को बताया गया कि हरियाणा में भारी मात्रा में पराली है और इसका सदुपयोग हो सकता है। इस पर कंपनी ने हार्डबोर्ड बनाने में रुचि दिखाई है। कृषि