हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का सीजन शुरू हो गया, पहले किन्नौर, मनाली के बाद अब रोहतांग दर्रे पर बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है. कुल्लू और लाहौल स्पीति जिलों को जोड़ने वाले 13,050 फुट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे पर ताजा बर्फबारी होने से लाहौल-स्पीति जिले का कुल्लू से संपर्क पूरी तरह से कट गया है. रोहतांग पर करीब एक फुट बर्फ गिरी है. लाहौल स्पीति के कई इलाकों में भी बर्फ गिरने से बर्फ की चादर बिछ गई है. 15 नवंबर के बाद से रोहतांग दर्रें को वाहनों की आवाजाही के लिए औपचारिक तौर पर बंद कर

हिमाचल प्रदेश के ऊपरी और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई है. रोहतांग के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई. बर्फबारी से प्रदेश में ठंड का प्रकोप और बढऩे की संभावनाएं जताई जा रही हैं. मौसम विभाग के मुताबिक रोहतांग दर्रा में हल्की बर्फबारी शुरू हो गई है वहीं हिमाचल के निचले क्षेत्र इंदौरा और डलहोजी में बारिश से ठंड बढ़ी है. तापमान में भारी गिरावट पर्यटन स्थल रोहतांग में बुधवार को हल्की बर्फबारी शुरू हुई जिससे यहां न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई. यहां का तापमान

पर्यटन नगरी मनाली में शुक्रवार को बारिश व ऊंची पहाड़ियों में गिर रहे बर्फ के फाहों से मौसम कूल-कूल हो गया है. शुक्रवार रोहतांग दर्रे सहित धुंधी जोत, मकरवेद व शिकरवेद की पहाडिय़ों, मनालसू जोत, हनुमान टिब्बा, इंद्र किला, नग्गर की पहाडिय़ों सहित हामटा जोत ने भी बर्फ की चांदी का श्रृंगार कर लिया है. मनाली में हुई बारिश से पारा लुढ़क गया है. पिछले कुछ दिन से घाटी में धूप खिलने से पारा चढ़ने लगा था लेकिन शुक्रवार को मौसम के बदले तेवरों ने घाटी का मौसम कूल-कूल कर दिया है. इससे मनाली में सैलानियों की आमद लगातार बढ़ रही

हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में मंगलवार को हुई बारिश और ऊंची चोटियों में हल्के हिमपात से अधिकतम तापमान में गिरावट आई है. मंगलवार को हुई बारिश गर्मी से झुलस रहे लोगों के लिए राहत लेकर आई. प्रदेश के कई क्षेत्रों में बुधवार को भी अंधड़ चलने और बारिश-ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है. बारिश होने से एक दिन के भीतर ऊना के अधिकतम तापमान में दस डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है. मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. सोमवार को ऊना में पारा 43 डिग्री पहुंच गया था. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने पूरे