तमाम विवादों और किंतु-परंतु के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में ही चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। रिकॉर्ड छह बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र के लिए जहां एक ओर सत्ता बचाए रखने की चुनौती है तो दूसरी ओर 7वीं बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी। राज्य में पिछले कुछ दशकों से हर बार सत्ता विरोधी लहर के कारण सत्ता में परिवर्तन का ट्रेंड रहा है। ऐसे में सत्ता बचाने के लिए वीरभद्र को सत्ता विरोधी रुझान से पार पाना होगा। वह भी तब जब वह खुद और उनके परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार के आरोपों से

महाराष्ट्र में किसान आंदोलन को लेकर BJP और शिवसेना ही आमने-सामने आ गई है. सेना के हमलों के बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा है कि वो राज्य में मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार है. फडणवीस ने बुधवार को दिए अपने इस बयान में बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा कि कुछ लोगों ने कहा है कि वे सरकार को गिरा देंगे और समर्थन वापस ले लेंगे. मैंने कहा कि हम मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई हम पर मध्यावधि चुनाव थोपना चाहता है तो मुझे पूरा विश्वास है कि

राष्ट्रपति चुनाव के लिए सरगर्मी बढ़ गई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार चुनने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू और वित्त मंत्री अरुण जेटली इस कमेटी के सदस्य होंगे. यह कमेटी राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए एनडीए के घटक दलों से बातचीत करेगी. गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का पांच वर्ष का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर अगर सर्वसम्मति नहीं बनेगी तो

यूपी सरकार में राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने मंगलवार को एक भंडारे का आयोजन किया. खास बात यह रही कि इस दौरान वे लोगों को प्रसाद के साथ 100 रुपए भी बांटती नजर आईं. बता दें, स्वाति सिंह इन दिनों चर्चा में बनी हुई हैं. चर्चा है कि सीएम योगी भी बियर बार मामले के बाद मंत्री से नाराज हैं. कृष्णानगर के लोकबन्धू अस्पताल के सामने लखनऊ के सरोजनीनगर सीट से विधायक स्वाति सिंह का कार्यालय है. मंगलवार को यहां भंडारे का आयोजन किया गया. भंडारे की शुरुआत मंत्री स्वाति सिंह ने की. इस दौरान उन्होंने प्रसाद की हर प्लेट में 100-100 रुपए

पंजाब में रेत खनन को लेकर राजनीति गरमाने लगी है. बीजेपी ने कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनपर अपने नजदिकियों को अवैध तरीके से खनन देने का आरोप लगाया है. जिसके बाद शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने भी उनके इस्तीफे की मांग की है. वहीं,कांग्रेस इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में आ गई है. कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने सफाई दी है कि पंजाब में माइनिंग कारोबार से उनके किसी मुलाजिम का कोई लेना-देना नहीं है. वह या उनकी कंपनी राणा शुगर्स लिमिटेड का माइनिंग व्यवसाय से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप

चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में आज दोपहर साढ़े तीन बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी। बैठक की अध्यक्षता सीएम मनोहर करेंगे. आपको बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चार, पांच और छह जुलाई को हरियाणा दौरे पर हैं. ऐसे में इस बैठक में अमित शाह के इस आयोजन पर भी चर्चा होगी और रणनीति तय की जाएगी. साथ ही इस दौरान पार्टी संगठन को मजबूत करने और प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर चर्चा की जाएगी. सीएम मनोहर लाल अफसरशाही के खिलाफ अपनाए गए कड़े तेवरों और अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों को लेकर भी विधायकों से बात कर सकते हैं।