बीजिंग। चीन ने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण स्थल के नजदीक शनिवार को आये 3.5 तीव्रता के भूकंप के पीछे कारण कोई ताजा परमाणु परीक्षण नहीं था। चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर (सीईएनसी) ने कल देर रात एक बयान में कहा कि इंफ्रासोनिक आंकड़ों से पता चलता है कि यह घटना परमाणु विस्फोट नहीं थी बल्कि यह प्राकृतिक रूप से भूकंप ही था। हालांकि शुरू में उसने विस्फोट का संदेह जाहिर किया था। उत्तर कोरिया का तीन सितंबर को हुआ पिछला परमाणु परीक्षण देश का सबसे शक्तिशाली परीक्षण था। इसके बाद चीन में सीमा पर 6.3 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके

6.3 तीव्रता के भूकंप ने रविवार को पूरे उत्‍तर कोरिया को हिला दिया। मगर माना जा रहा है कि उत्‍तर कोरिया ने अपना छठा परमाणु परीक्षण किया है, जो कि उसके हाइड्रोजन बम विकसित करने के दावे के कुछ घंटे बाद किया गया। आपको बता दें कि जिस इलाके में भूकंप का तेज झटका मह‍सूस किया गया, वहां उत्‍तर कोरिया पहले भी परमाणु परीक्षण कर चुका है। भूकंप के कुछ घंटे पहले ही एक परमाणु बम के साथ उत्‍तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की तस्‍वीरें जारी की गई थीं। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने दावा किया था कि इसे बैलिस्टिक

दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. भूकंप सुबह चार बजकर छब्बीस मिनट पर आया. भूकंप का केंद्र हरियाणा के रोहतक में 22 किलोमीटर गहराई पर था. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर पांच मापी गई है. फिलहाल कहीं से किसी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है. हालांकि भूकंप के झटके से लोग घरों से बाहर निकल आए और दहशत का माहौल बना रहा. शुक्रवार को तड़के जब दिल्ली और इससे सटे इलाकों में लोग गहरी नींद में डूबे हुए थे तब अचानक लगे झटकों ने उन्हें चौंका

हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में शुक्रवार को आए भूकंप के झटके के बाद शनिवार सुबह करीब 9:11 बजे भूकंप का एक और झटका महसूस किया गया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई. इससे पहले शुक्रवार को भी चंबा में भूकंप के दो झटके आए थे. बार-बार भूकंप के झटको से हर कोई हैरान है, आपको बता दें कि इससे पहले भी चंबा में हल्के झटके आते रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार भूकंप के हल्के झटके अभी और भी आ सकते है.