मोदी सरकार ने डिजिटल योजना को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इसमें कई ऐसे भी उपक्रम हैं, जिनके जरिये आम आदमी सरकार को आसानी से अपने सुझाव दे सकता है. इसके साथ ही सरकार ने कई ऐसे उपक्रम भी शुरू क‍िए हैं, जो आम आदमी के फायदे के लिए हैं. इसी में से एक है, धूम्रपान छुड़वाने वालों की मदद करना. अगर आप भी सिगरेट पीना छोड़ना चाहते हैं या फिर किसी रिश्तेदार को इस लत से बचाने में मदद करना चाहते हैं, तो मोदी सरकार हाजिर है. केंद्र सरकार ने एक प्रोग्राम 'एमसेसेशन' शुरू किया है.

नोटबंदी की पहली सालगिरह से ठीक पहले मोदी सरकार के इस फैसले का बड़ा असर नजर आया है. सरकार के कदम से बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियों पर गाज गिरी है. इन कंपनियों के खाते भी बंद कर दिए गए हैं. वाणिज्यिक मंत्रालय के मुताबिक करीब 2.24 कंपनियों को बंद कर दिया गया है. ये ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें पिछले दो सालों से कोई कामकाज नहीं हुआ है. जबकि नोटबंदी के बाद इन कंपनियों से करीब 17 हजार करोड़ का लेन-देन किया गया. बैंकों की जानकारी पर कार्रवाई सरकार ने ये कार्रवाई बैंकों की जानकारी के आधार पर की है. बताया गया है

ड्राइविंग लाइसेंस देने के मामले में सरकार नए नियम लागू करने पर विचार कर रही है। आने वाले समय में उन्हीं लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा या लाइसेंस रिन्यू होगा, जिन्होंने तेल बचत करने का कोर्स किया हो और इसका सर्टिफिकेट प्राप्त किया हो। ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए पीसीआरए का पेट्रोलियम उत्पादों के बचत का कोर्स करना जरूरी होगा। यानी लाइसेंस लेने पर पहले तेल बचाने के तरीकों को भी सीखना होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह प्रस्ताव पीएमओ को भेजा है। सूत्रों के अनुसार इस पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन चुकी है। इसके अलावा कोर्स की अवधि और

अब पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। शौरी ने कहा कि आप भले ही नोटबंदी को साहसिक कदम बताएं लेकिन ये खुदकुशी करने जैसा मामला है। केंद्र सरकार को फिलहाल ढाई लोग चला रहे हैं। हाल ही में पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर यशवंत सिन्हा ने कहा था कि इकोनॉमी में तो पहले से ही गिरावट आ रही थी, नोटबंदी ने तो सिर्फ आग में घी का काम किया। शौरी ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, सरकार का केवल नए खुलासों  पर जोर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रात को कहा कि

शिमला राज्यसभा में उपनेता एवं सांसद आनंद शर्मा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सेना के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है. शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में आनंद शर्मा ने कहा कि देश ने तीन साल में 238 सैनिक खोए हैं और देश पार्टटाइम रक्षा मंत्री से काम चला रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि तीन साल पूरे होने पर 1700 करोड़ रुपये केवल एक ही आदमी मोदी फेस्ट पर खर्च किए जा रहे हैं। देश की आर्थिक स्थिति पर केंद्र सरकार को श्र्वेतपत्र जारी करना चाहिए. आनंद शर्मा ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के बनने के बाद देश