तरनतारन विजिलेंस टीम ने सोलह हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ एक पटवारी को गिरफ्तार किया है। गांव भूरा करीमपुरा निवासी दलेत सिंह ने पटवारी सुखबीर सिंह के खिलाफ विजिलेंस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि इंतकाल कराने के लिए पटवारी ने उससे बीस हजार रुपए रिश्वत की मांग की, जबकि चार हजार रुपए उसने मौके पर ही दे दिए और बाकी सोलह हजार रुपए उसके कार्यालय पर देने की बात कही। इसके बाद उसने मामले की जानकारी विजिलेंस को दी। विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को पैसों के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं

रिश्वत कांड का मुख्य आरोपी तिलक राज की सरकार में इतनी ऊंची पेंठ थी की बड़े फैंसले अपने स्तर पर ही ले लेते थे. बजट डायवर्ट करने की मंजूरी भी सरकार से बाद में ही लेते थे, पहले किसी काम को कर लेते थे. कई मामलों में तिलक राज सरकार से मंजूरी लिए बिना इंडस्ट्री डवलपमेंट फंड का पैसा अपनी मर्जी से दूसरी जगह खर्च कर लेते थे. बजट डायवर्ट होने के बाद इसकी मंजूरी सरकार से ली जाती थी. हालांकि नियमों के तहत एचआेडी को भी सरकार की मंजूरी किसी फंड को डायवर्ट करने से पहले लेनी होती है. प्रदेश में