रोहिंग्या संकट पर अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने बड़ा बयान सामने आया है. मामले पर उन्होंने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी संकट को लेकर वह अब भी म्यांमार पर प्रतिबंध लगाए जाने पर जोर नहीं देंगे. हालांकि उन्होंने अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ सेना के अत्याचार को लेकर एक स्वतंत्र जांच कराने की अपील की. वहीं, रोहिंग्या शरणार्थी संकट पर खुद के चुप रहने को लेकर दुनिया भर में हो रही आलोचना पर म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने कहा कि उन्होंने इस तरह से अपनी बात रखी है, जिससे सांप्रदायिक तनाव नहीं भड़केगा. इसके साथ ही उन्होंने रोहिंग्या संकट

म्यांमार की एक ब्यूटी क्वीन का कहना है कि रोहिंग्या मुस्लिम चरमपंथियों पर एक ग्राफिक वीडियो पोस्ट करने पर उनसे सौंदर्य स्पर्धा में मिला उनका ताज छीन लिया गया है. वीडियो में रखाइन राज्य में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के लिए मुस्लिम रोहिंग्या चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया गया है. म्यांमार की सेना पर रखाइन में रोहिंग्याओं के खिलाफ ‘जातीय सफाया’ अभियान चलाने के आरोप लगे हैं. 25 अगस्त के बाद से इस राज्य से मुस्लिम समुदाय के पांच लाख से ज्यादा लोग सीमा पार कर बांग्लादेश चले गए. इस हिंसा पर हो रही वैश्विक निंदा को देखते हुए म्यांमार अधिकारियों ने इस

पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर ने खुलकर रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन किया है. मसूद ने कहा,''ये म्यांमार मुस्लिमों का बलिदान ही है कि पूरी दुनिया में मुस्लिम समाज एक जुट हो गया है.'' मसूद अजहर का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है कि रोहिंग्या मुसलमानों के पाकिस्तान के आतंकियों के साथ कनेक्शन हो सकते हैं और ये देश के लिए खतरा हो सकते हैं.

नई दिल्ली केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने रोहिंग्या मामले में भारत की 'खलनायक' जैसी छवि बनाने की कोशिशों की आलोचना करते हुए कहा है कि यह देश की छवि धूमिल करने की सोची समझी कवायद है. रिजीजू का यह बयान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जेड राद अल हुसैन द्वारा म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत से वापस भेजने की आलोचना करने के दो दिन बाद आया है. रिजीजू ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से भारत में प्रवेश करने वाले रोहिंग्या समुदाय के लोगों के मामले में भारत की आलोचनाओं में देश की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'इस मामले