नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिए हैं कि एक बार रेवेन्यू में इजाफा होने के बाद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अंतर्गत स्लैब (टैक्स स्लैब) को कम किया जा सकता है। गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत वस्तुओं एवं सेवाओं को चार टैक्स स्लैब 5 फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद और 28 फीसद में बांटा गया था। इसके अलावा कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त मुआवजा उपकर भी लागू है। जेटली ने कहा, “हम शुरूआती दो-तीन महीनों में हैं। हमारे पास शुरुआत से ही सुधार के लिए जगह और गुंजाइश है। हमारे पास सुधार की

राष्ट्रपति चुनाव के लिए सरगर्मी बढ़ गई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार चुनने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू और वित्त मंत्री अरुण जेटली इस कमेटी के सदस्य होंगे. यह कमेटी राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए एनडीए के घटक दलों से बातचीत करेगी. गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का पांच वर्ष का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर अगर सर्वसम्मति नहीं बनेगी तो