कोबेन, इराक इराक में अपनी राजधानी मोसुल गंवाने के बाद अब आतंकी संगठन आइएस सीरिया में अपनी राजधानी रक्का खोने वाला है। अमेरिकी और रूसी गठबंधन के हमलों से बर्बाद हो चुके रक्का में बीते 24 घंटे में करीब 100 आइएस आतंकियों ने अपने हथियार डाले हैं। यह बात अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बयान जारी करके कही है। जबकि पूर्वी इलाके का अल-मायादीन शहर सरकारी फौज ने आइएस से छीन लिया है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) का सीरिया में सबसे मजबूत ठिकाना हाथ से निकलने के कगार पर है। सीरिया में मानवाधिकारों पर कार्य कर रही ब्रिटिश संस्था के

मास्को सीरिया में पिछले 24 घंटे के दौरान रूस के श्रंखलाबद्ध हवाई हमलों में इस्लामिक स्टेट के करीब 120 लड़ाके और 60 विदेशी भाड़े के सैनिक मारे गए हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार (7 अक्टूबर) को मास्को में बताया कि इससे पहले के एक रूसी हवाई हमले में उमर अल शिशनी सहित आईएस के तीन वरिष्ठ कमांडरों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. मास्को ने अल शिशनी की मौत की पुष्टि की है, जबकि पेंटागन ने 2016 में कहा था कि कुख्यात लड़ाका इराक में अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई में मारा गया है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘मायादीन क्षेत्र में आतंकवादियों

मॉस्को रूसी हवाई हमले में सीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन तहरीर अल-शाम का सरगना अबू मुहम्मद अल-गोलानी गंभीर रूप से घायल हो गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इस हमले में आतंकी संगठन के 12 कमांडर और गोलानी की सुरक्षा में तैनात 50 अन्य आतंकी मारे गए। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेंकोव ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर मंगलवार को आतंकियों के ठिकाने पर दो लड़ाकू विमानों की मदद से हवाई हमले किए गए थे। उनके मुताबिक गोलानी नुसरा फ्रंट का मुखिया था। नुसरा फ्रंट ने बाद में अन्य आतंकी गुटों के साथ मिलकर