आम आदमी पार्टी के विधायक और विपक्ष के नेता सुखपाल खैरा को हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने नशा तस्करी के मामले में सुखपाल खैरा की याचिका रद्द कर दी है, मामले में फाजिल्का कोर्ट से सुखपाल को सम्मन जारी किए गए हैं, जिसके बाद खैरा ने इस पर रोक लगाने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने खैरा की इस याचिका को रद्द कर दिया. कोर्ट ने मामले पर खैरा से कहा कि इस केस में पहले निचली अदालत इसका फैसला करेगी. पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने

लुधियाना ड्रग तस्कर के साथ संबंधों के आरोपों का सामना कर रहे विपक्ष नेता सुखपाल खैहरा के विरोध में आप पार्टी के कई नेता आ गए है। उनका मानना है कि खैहरा को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि पार्टी ने साफ कर दिया था कि इस मामले में सभी नेता तथा विधायक खैहरा के साथ हैं। पार्टी इस मामले में 2 धड़ो में बंट चुकी है। पार्टी  में बढ़ती साख के चलते अमन अरोड़ा,सर्बजीत कौर मनूके और बलजिंदर कौर ने पार्टी के सिद्धांतों का हवाला देते हुए खैहरा से इस्तीफे की मांग की है। वहीं उनका पक्ष रखने वालों का

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैरा पर सियासी हमला बोलते हुए कहा है कि खैरा को कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे रिटायर्ड जस्ट्सि जे.एस. नारंग की ईमानदारी और निष्ठा पर शक करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने जस्टिस नारंग तथा मंत्री राणा गुरजीत सिंह के निकट संबंधों पर उठाए गए सभी सवालों को खारिज कर दिया, मुख्यमंत्री ने कहा कि जस्टिस नारंग एक पेशेवर व्यक्ति हैं, अगर कोई जज किसी के साथ रिश्तेदारी रखता है या पेशेवर ढंग से जुड़ा हुआ है तो इसका

पंजाब में रेत खनन घोटाले पर सियासत गरमाती जा रही है. सुखपाल खैरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिजनेसमैन कैप्टन रंधावा के दावों को बेबुनियाद बताया और कैप्टन सरकार की ओर से इस घोटाले की जांच को मजाक बताया. वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने भी कैप्टन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और राणा गुरजीत के इस्तीफे की मांग की है.