केंद्र सरकार ने मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने से मना कर दिया है। आरडी मंत्रालय ने इसकी फाइल सरकार को लौटा दी है। इसमें कहा गया है कि अभी मनरेगा में दिहाड़ी को नहीं बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में जो दिहाड़ी चल रही है, सरकार को इसी दिहाड़ी से ही पंचायतों में विकास कार्य कराने होंगे। सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया कि पंचायतों में विकास कार्य करने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इसका कारण दिहाड़ी का कम होना है। ऐसे में मजदूरों का पैसा बढ़ाया जाना आवश्यक हो गया

केंद्रीय कानून व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिमाचल बेमिसाल है लेकिन पहला राज्य है, जिसका मुख्यमंत्री जमानत पर है। वीरभद्र सिंह पर सीबीआई और ईडी के मुकदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि एजेंट जेल में हैं और प्रिंसिपल बेल पर हैं। इससे प्रदेश की गवर्नेंस प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा है कि ये सारे केस मोदी सरकार के केंद्र में सत्ता में आने से पहले के हैं। हिसाब मांगे हिमाचल अभियान के तहत रविशंकर ने सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री पर ताबड़तोड़ हमले किए। रविशंकर ने कहा कि आगामी विधानसभा

हिमाचल प्रदेश आउट सोर्सिंग से तैनात कर्मचारियों के महासंघ ने प्रदेश सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. महासंघ ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि जल्द ही स्थायी नीति नहीं बनाई गई तो वे संघर्ष का रास्ता इख्तियार करेंगे. उन्होंने कहा कि वह सरकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर ऐसे में हालात बिगड़ते हैं तो प्रदेश सरकार ही उसके लिए जिम्मेवार होगी. बिलासपुर में महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष धीरज चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 26 और 27 मई को बुलाया गया है. इस सत्र में जीएसटी बिल को मंजूरी देने के लिए बुलाया गया है. 27 मई को जीएसटी विधेयक से जुड़ा प्रस्ताव पेश होगा, आपको बता दें कि प्रदेश सरकार को जीएसटी लागू होने से माल-भाड़े की अलग-अलग दरों से छुटकारा मिल जाएगा. पहले ये सत्र एक दिन के लिए ही बुलाया गया था, लेकिन इसी बीच राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्ण सिंह के देहावसान के बाद सत्र दो दिन के लिए तय किया गया है.