सरकार ने वायरलेस या मोबाइल दूरसंचार क्षेत्र में 5जी तकनीक यानी पांचवीं पीढ़ी की टेलिकॉम तकनीक लाने के लिए कमर कस ली है। इस तकनीक को 2020 तक लाने का रोडमैप तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने संवाददाता सम्मेलन में इसका एलान किया। उन्होंने कहा, ‘2जी, 3जी में हम पिछड़ गए थे। लेकिन 5जी में हम बाकी दुनिया के साथ ही नहीं बल्कि आगे रहना चाहते हैं। इसके लिए संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रलय मिलकर 500 करोड़ रुपये की रकम खर्च करेंगे।’ सिन्हा के मुताबिक