एविएशन सिक्युरिटी एजेंसियां बोर्डिंग पास कलेक्शन सिस्टम खत्म करने की योजना बना रही हैं. साथ ही बायोमेट्रिक्स की मदद से 'एक्सप्रेस चेक-इन' सिस्टम शुरू किया जाएगा. ऐसा एयर ट्रैवेल को आरामदायक बनाने के लिए किया जा रहा है. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के डायरेक्टर जनरल ओपी सिंह ने बताया, 'हमनें 59 एयरपोर्ट पर बोर्डिंग कार्ड-लेस सिस्टम लाने के लिए जरूरी तकनीक को तलाशना शुरू कर दिया है. साथ ही बाकी सिविल फैसिलिटीज भी फ्यूचर में 'यूनिफाइड कमांड' के तहत इसके अंतर्गत आ जाएंगी.' उन्होंने कहा, 'हम 2 प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. एयरपोर्ट्स पर इंटीग्रेटेड सिक्युरिटी सोल्यूशंस कैसे लागू किया

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(CISF) ने हवाईअड्डे के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में अपने कर्मियों के बिना वर्दी प्रवेश और उनके मोबाइल फोन एवं  टॉयलेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. आपको बता दें कुछ जवानों के मादक पदार्थों और सोने की तस्करी के मामलों में कथित संलिप्तता के कारण यह निर्णय किया गया है. अर्धसैनिक बल के विमानन सुरक्षा मुख्यालय ने देश के 59 नागरिक हवाईअड्डों की सुरक्षा में तैनात अपने जवानों और अधिकारियों के लिए शुक्रवार को दिशा-निर्देश जारी किया. इनमें से कुछ हवाईअड्डे ‘संवेदनशील’ और ‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में आते हैं.  

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी तमाम सफलताओं के बावजूद बहुत ही सहज है. उनका सहज सरल व्यवहार हमेशा चर्चा में रहता है. इस बार धौनी के जिस व्यवहार की चर्चा हो रही है, वह पुणे एयरपोर्ट पर नजर आया. दरअसल हुआ यह है कि राइजिंग पुणे सुपर जाइंट्‌स की टीम पुणे एयरपोर्ट पर थी. पुणे के लिए खेल रहे दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी इमरान ताहिर अपने बेटे के साथ पुणे एयरपोर्ट पर खेल रहे थे. ताहिर का बेटा जमीन पर बैठा था, उसके साथ ताहिर को भी जमीन पर बैठना पड़ा था. तभी धोनी भी

मुंबई मुंबई, चेन्नै और हैदराबाद से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स को एक साथ हाइजैक करने की साजिश से जुड़ी खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. सुरक्षा अधिकारियों को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक, प्लेन को अगवा करने की इस योजना में 23 लोगों की एक टीम शामिल है. सूचना मिलते ही इन तीन समेत देश के सभी अहम हवाई अड्डों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. ऐसे में इन तीन हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाले यात्री पर्याप्त वक्त रहते चेक-इन करके आखिरी वक्त में होने वाली देरी से बच सकते हैं. इस खतरे की भनक