लखनऊ राजनीति में परिवारवाद का मुद्दा पिछले कई समय से सुर्खियों में रहा है। इस मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी विपक्षी पार्टियों कांग्रेस, सपा और बसपा को इसके बढ़ावे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। लेकिन अब इस पर अखिलेश यादव ने एक बड़ा पलटवार किया है। उन्होंने इस बात की घोषणा कर दी कि अगर उनकी पार्टी में परिवारवाद है तो उनकी पत्नी डिंपल यादव अब चुनाव नहीं लड़ेंगी। रविवार को अखिलेश यादव ने रायपुर में यह बात कही। अखिलेश एक सामाजिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हुए थे। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह

यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने समर्थकों के साथ औरैया थाना जा रहे थे. वे समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक प्रदीप यादव से मिलने जा रहे थे. अखिलेश और उनके साथियों को पुलिस ने उन्नाव-एक्सप्रेसवे के पास हिरासत में ले लिया था, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें हिरासत से छोड़ दिया गया है. अखिलेश को हिरासत में लिए जाने के बाद समाजवादी कार्यकताओं ने हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया. माहौल को बिगढ़ते देख पुलिस ने उनकी बातों को मानते हुए आश्वासन देकर छोड़ दिया है. गौरतलब है कि  औरैया  में जिला पंचायत अध्यक्ष पद

पटना राष्ट्रीय जनता दल के 21वें स्थापना दिवस पर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक बड़ा सियासी बयान दिया है, लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश और मायावती एक साथ आ जाएं तो समझिए कि बीजेपी का गेम ओवर है. लालू यादव ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इसकी जबर्दस्त संभावना है कि चुनाव से पहले मायावती और अखिलेश साथ आ जाएं, यदि ऐसा होता है तो 2019 का मैच ओवर समझिए. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन की पैरवी करते हुए लालू यादव ने इस बात पर जोर दिया कि

दिल्ली राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा किए गए ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी में फिर से कलह मचने की आशंका बढ़ गई है. यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को दरकिनार कर मुलायम सिंह यादव ने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार को समर्थन देगी. हालांकि, मुलायम ने इसके साथ एक शर्त भी जोड़ी है कि उम्मीदवार सभी द्वारा स्वीकार्य व कट्टर भगवा चेहरा नहीं होना चाहिए. गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को इस मसले पर मुलायम सिंह यादव से

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि वो पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा शुरू किये गए यश भारती सम्मान की जांच कराएंगे. यश भारती सम्मान की शुरुआत मुलायम सिंह यादव की सरकार ने लगभग दो दशक पहले की थी. ये सम्मान सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, नसीरुद्दीन शाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी समेत तमाम बड़ी हस्तियों को दिया जा चुका है. साल 1994 में सपा सरकार ने प्रदेश का नाम रोशन करने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए इस पुरस्कार की शुरुआत की थी. अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन पर इस तरह के आरोप लगते

लखनऊ समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में सूबे की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि बीजेपी ने जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटकर और झूठे वादे कर सत्‍ता हासिल की है. यह सरकार लोगों को धोखा देकर बनी है. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी के झूठ के खिलाफ रास्‍ता खोले जाने की जरूरत है. इसके लिए विपक्षी दलों के गठबंधन की जरूरत होगी. इस गठबंधन में सपा की अहम भूमिका होगी. वैसे भी सपा सभी के साथ हैं. उन्‍होंने यह भी कहा कि इसके लिए देश के सभी नेताओं से बात

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे पास आते जा रहे हैं वैसे-वैसे समाजवादी पार्टी में कलह बढ़ती हा जा रहा है. लखनऊ में गुरुवार को समाजवादी पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर मची कलह के बीच सीएम अखिलेश यादव ने 403 विधानसभा सीटों में से 235 उम्मीदवारों की नई सूची जारी कर दिया. ये सूची सीएम हाउस की तरफ से जारी किया गया है. इसके बाद देर रात सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी 68 उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी कर दी है. इनमें सपा के विधायकों की 16 और गैर विधायकों की 52 सीटें शामिल हैं. इस नई लिस्ट में उन