नई दिल्लीवैष्णो देवी के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) अमरनाथ यात्रा पर सख्त हुई है। एनजीटी ने अमरनाथ मंदिर के आसपास पर्यावरण सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार लगाई है। एनजीटी ने पूछा कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का अबतक पालन क्यों नहीं किया गया है। नारियल फेंकने पर भी एनजीटी को ऐतराज बुधवार को अमरनाथ यात्रा पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड से कहा कि गुफा के पूरे इलाके को साइलेंट जोन घोषित किया जाए। इसके साथ ही गुफा के आसपास पूजा के रुप में चढ़ाए जाने वाली

जम्मू बेसकैंप से अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवानां हो चुका है. ये जत्था जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह के नेत्तृव में कड़ी सुरक्षा के साथ रवाना हुआ है. पहलगाम और बालटाल के मार्ग में आंतकी हमले की संभावना है. कश्मीर में सालाना होने वाली अमरनाथ यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है. वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक इस यात्रा पर आतंकवादी हमले की संभावना है. प्रशासन ने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम शामिल करने के साथ ही सुरक्षा पैमाने को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है.

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र आतंकियों से लड़ाई लड़ रही सुरक्षा एजेंसियों का सामना अब नए शत्रु ‘बेडरूम जिहादियों’ से हो रहा है जो अफवाहें फैलाने और युवाओं को प्रभावित करने के लिए अपने घरों में बैठकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो यही नया युद्ध क्षेत्र है और यही नई लड़ाई है. लेकिन यह लड़ाई पारंपरिक हथियारों से परंपरागत युद्ध क्षेत्रों में नहीं लड़ी जा रही बल्कि नए दौर के जिहादी युद्ध छेड़ने के लिए कंप्यूटरों और स्मार्टफोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसा वह कहीं से भी, कश्मीर के भीतर और बाहर, अपने घर में सुरक्षित