दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल दस दिन विपश्यना करेंगे, यानी मौन साधना में रहेंगे. इस दौरान वो न तो अखबार पढ़ सकेंगे और न ही कोई किताब, सिर्फ ध्या न करेंगे. इसके लिए वह दिल्लीव की गद्दी से 10 से 20 सितम्बर तक छुट्टी लेकर महाराष्ट्र जाएंगे. विपश्यना के लिए करीब 10 दिन तक लगातार बैठकर ध्यान करना होता है. मौन रहना होता है. इस दौरान बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होता है. इस दौरान फोन पर बात भी नहीं कर सकते. केजरीवाल को भी इस नियम का पालन करना होगा.

आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक और पंजाब में संगरूर से सांसद भगवंत मान ने कहा, 'ईवीएम में गलती ढूंढने का कोई मतलब नहीं जब पार्टी नेतृत्व ने चुनावों की पूरी रणनीति को लेकर ऐतिहासिक भूल की हो. हार के कारणों की जांच के लिए पार्टी को सबसे पहले अपने अंदर की कमियां को देखना चाहिए.' मान ने बात एक अंग्रेजी अखबार के साथ बातचीत के दौरान कही.