मुंबई : भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की पूर्व चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने गुरुवार कहा कि बैंकों को नोटबंदी की तैयारी के लिये और समय दिया जाना चाहिए था. नोटबंदी के दौरान बैंकों पर काफी दबाव पड़ा है. पिछले साल आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1,000 रुपये के नोट को चलन से हटाने का फैसला किया था. इस पहल का मकसद कालाधन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा पर लगाम लगाना था. अरुंधति ने इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में कहा, अगर हम किसी नयी तरह की चीज के लिये तैयार होते हैं, तब यह ज्यादा सार्थक और बेहतर होता. स्पष्ट

नई दिल्ली देश में नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए किये गये नकनीकी बदलावों से बैंकों को 3800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह जानकारी सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है। गौरतलब है कि देश में नोटबंदी की घोषणा बीते वर्ष आठ नवंबर को की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार देश में कैशलैस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने कि दिशा में उठाए गए कदम बैंकों को भारी पड़े हैं। डिजिटल भुगतान के लिए भारी संख्या में पीओएस मशीनों की खरीद की गई थी। इस साल जनवरी में

देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने पांच पूर्व सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक के ग्राहकों से नई चेक बुक के आवेदन के लिए कहा है। बैंक ने ग्राहकों को तुरंत प्रभाव से नई चेक बुक का आवेदन करने के लिए इसलिए कहा है कि क्योंकि 30 सितंबर, 2017 के बाद पुराने बैंक के चेक और IFS कोड वैध नहीं होंगे। इन्हें अमान्य करार दिया जाएगा।   We request customers of SBI's erstwhile Associate banks and Bharatiya Mahila Bank to apply for new SBI Cheque books. https://t.co/OSzGFBurxb — State Bank of India (@TheOfficialSBI) September 17, 2017 एसबीआई

गर आपको बैंक से जुड़े कोई भी काम हो तो उसे शुक्रवार तक निपटा लें, नहीं तो आपको 16 अगस्‍त तक इंतजार करना होगा. इस दौरान आपको कैश की किल्‍लत हो सकती है. हालांकि बैंक अधिकारियों का दावा है कि छुट्टी के दिनों में भी विभिन्‍न बैंकों के एटीएम में कैश की किल्‍लत नहीं होगी. कुछ संयोग की वजह से बैंकों की छुट्टी लगातार चार दिनों तक रहेगी. 12 अगस्‍त से 15 अगस्‍त तक देश के अधिकतर बैंक बंद रहेंगे. * 12 अगस्‍त को सेकेण्‍ड सटरडे की वजह से बैंक बंद रहेंगे यानी दूसरे शनिवार की छुट्टी. * 13 अगस्‍त को रविवार

EPFO ने पीएफ बकाये के संग्रह तथा भविष्य निधि निकासी का भुगतान, पेंशन और बीमा के लिये पांच बैंकों के साथ समझौता किया है. बैंक आफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक तथा कोटक महिंद्रा बैंक से ईपीएफओ को सालाना करीब 125 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी. साथ ही इससे निवेश में तेजी के साथ अंशधारकों को भुगतान लाभ मिलेगा. अब जिन नियोक्ताओं का इन बैंकों में खाते होंगे, वे बकाया पीएफ (भविश्य निधि) इंटरनेट बैंकिंग के जरिये सीधे तत्काल ईपीएफओ के खाते में जमा कर सकते हैं. इस प्रकार की व्यवस्था नहीं होने से ईपीएफओ को बकाये का संग्रह

बैंक अब किसी अकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग की कैटिगिरी में डालने से पहले कर्ज वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि बैंकिंग रूल्स में हाल के संशोधनों से बैंकों को डूबे हुए कर्ज की समस्या के जल्द समाधान में मदद मिलेगी। RBI के नियमों के अनुसार, अगर किसी कर्ज की रकम की किस्त 90 दिनों से अधिक तक बकाया होती है तो वह नॉन-परफॉर्मिंग बन जाता है। अधिकारी ने कहा, 'नए ऑर्डनेंस के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि बैंकरप्सी रूल्स के अनुसार डिफॉल्ट माना जाएगा, जिसका मतलब है कि अगर कर्ज के भुगतान

दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आम आदमी से जुड़ा हुआ एक बड़ा फैसला किया है. आरबीआई की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक ऐसे नोटों को स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते हैं जो या तो गंदे हैं या फिर उनमें कुछ लिखा हुआ है. आरबीआई ने कहा कि ऐसे नोटों को बेकार नहीं समझा जाना चाहिए. हालांकि, ऐसे मामलों को साफ नोट नीति के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए. खबरों के मुताबिक, आरबीआई ने इस मुद्दे के बीच साल 2013 के अपने उस बयान की याद दिलाई, जो कि सोशल मीडिया में फैली उस

बीते लगभग 13 महीने से फरार चल रहे चर्चित शराब कारोबारी विजय माल्या को मंगलवार को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया।  बता दें कि माल्या को भारत के कई बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपए कर्ज चुकाना है। लेकिन वो, पिछले साल मार्च में देश छोड़कर लंदन चले गए थे। भारत सरकार ने ब्रिटिश से माल्या के प्रत्यर्पण  की मांग की है। प्रत्यर्पण के लिए ईडी, 1992 में भारत और ब्रिटेन के बीच हुई म्युचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) को टूल के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। जांच एजेंसी माल्या के खिलाफ मुंबई कोर्ट से जारी हुए गैर-जमानती