तमाम विवादों और किंतु-परंतु के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में ही चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। रिकॉर्ड छह बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र के लिए जहां एक ओर सत्ता बचाए रखने की चुनौती है तो दूसरी ओर 7वीं बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी। राज्य में पिछले कुछ दशकों से हर बार सत्ता विरोधी लहर के कारण सत्ता में परिवर्तन का ट्रेंड रहा है। ऐसे में सत्ता बचाने के लिए वीरभद्र को सत्ता विरोधी रुझान से पार पाना होगा। वह भी तब जब वह खुद और उनके परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार के आरोपों से

हिमाचल कैबिनेट की प्रदेश सचिवालय में आज दोपहर अहम बैठक होगी. जिसकी अध्यक्षता सीएम वीरभद्र सिंह करेंगे. विधानसभा चुनावों से पहले इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है और कई अहम फैसलों पर लग मुहर लग सकती है. विधानसभा चुनाव को लेकर लगने वाली आचार संहिता से पहले आज की बैठक काफी अहम मानी जा रही है. बैठक के दौरान युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा खुल सकता है. वहीं, आउट सोर्स, पंचायत, चौकीदार और वोटर कैरियर के लिए सरकार कोई स्थाई नीति बना सकती है. साथ ही सरकार विभिन्न विभागों में बड़े रिक्त पदों को भरने की

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सीएम वीरभद्र सिंह ने पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर फ्री हैंड मांगा है. सीएम अपने हिसाब से इस चुनाव में उम्मीवारों को टिकट देना और काटना चाहते हैं. वहीं, 7 अक्टूबर को मंडी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी एक रैली करने जा रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने हिमाचल कांग्रेस को गुटबाजी छोड़कर मिशन रिपीट पर ध्यान देने की सलाह दी है.  

हिमाचल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में तीखी बयानबाजी होती रहती है लेकिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह  अपने बयानों से अपनी ही पार्टी की दिक्कतें बढ़ा रहे हैं. मंगलवार को कुल्लू के बजौरा दौरे पर वीरभद्र ने एक अहम बयान दिया. उन्होंने कहा कि अब मैं सियासत के इस लंबे सफर में चुनाव लड़ते-लड़ते थक चुका हूं लेकिन हाईकमान के आदेश पर फिर से विरोधियों के साथ-साथ दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हूं. उन्होंने जनसभा के दौरान संगठन के पदाधिकारियों पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि संगठन का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए. सीएम ने कुल्लू दौरे के

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अगर ये ऐलान पहले कर देते तो शायद एक ईमानदार फॉरेस्ट गार्ड की हत्या न होती. मंडी जिले के सेरी कतांडा जंगल में युवा फॉरेस्ट गार्ड को मारकर उल्टा लटकाने की घटना को बेहद दुखद करार देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वन रक्षकों को अब हथियारों से लैस किया जाएगा. फॉरेस्ट गार्डों की सुरक्षा पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. हत्या केस की पुलिस जांच कर रही है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान शनिवार को उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा वन माफिया के

दिल्ली आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को बड़ी राहत मिली है. पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई की विशेष अदालत ने वीरभद्र सिंह की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें सशर्त जमानत दे दी है. अदालत ने वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी और मामले से जुड़े बाकी लोगों को भी जमानत दी है. सोमवार दोपहर अदालत ने अपना फैसला सुनाते ह़ुए सीबीआई को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. केस से जुड़े सभी आरोपियों को एक एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली है. इसके अलावा वीरभद्र सिंह अदालत की अनुमति के बिना विदेश भी नहीं जा