रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राइ जंक्शन पर मौजूद डोकलाम का दौरे पर है. रक्षा मंत्री यहां पर शनिवार को जमीनी तैयारियों का जायजा लिया. डोकलाम में जून से भारत और चीन के बीच विवाद जारी था और करीब 73 दिनों बाद 28 अगस्त को विवाद सुलझा है. सीतारमण के साथ उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरतचंद भी डोकलाम आए है. निर्मला सीतारमण डोकलाम का दौरा करने के अलावा नाथूला भी जाएंगी और यहां पर सैनिकों से बातचीत करेंगी. इससे पहले विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को कहा गया है कि डोकलाम में भारत-चीन के बीच सैन्य गतिरोध की जगह और

रक्षामंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आश्वासन दिया है कि भारतीय सेना किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से लैस है। हाल ही में आई कैग रिपोर्ट में गोला-बारूद की कमी से जुड़े सवालों का रक्षामंत्री ने जवाब दिया, उन्होंने कहा गोला-बारूद की कमी को खत्म करने के लिए खरीद प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण किया गया है और सेन्य प्रमुखों को इस बारे में अधिकार भी प्रदान किए गए हैं। गौरतलब है कि संसद के इसी सत्र में पेश की गई सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया था कि सेना के पास बेहद कम मात्रा में

कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन अप्रैल के आखिर में भारत दौरे पर होंगे. इस दौरान वह अमृतसर भी जाएंगे. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि वह कनाडा के रक्षा मंत्री से मुलाकात करने से मना कर दिया है. अमरिंदर सिंह ने कहा कि हरजीत सिंह और उनके पिता खालिस्तान के समर्थक रहे हैं, इसलिए उनसे मुलाकात करने का सवाल नहीं उठता. 20 अप्रैल को भारत आयेंगे सज्जन एक चैनल से बातचीत के दौरान अमरिंदर ने कहा कि कनाडा की जस्टिन ट्रूडो की सरकार में सज्जन समेत कुल 5 मंत्री खालिस्तानी समर्थक हैं, इसलिये उनकी यात्रा के प्रति