अब पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। शौरी ने कहा कि आप भले ही नोटबंदी को साहसिक कदम बताएं लेकिन ये खुदकुशी करने जैसा मामला है। केंद्र सरकार को फिलहाल ढाई लोग चला रहे हैं। हाल ही में पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर यशवंत सिन्हा ने कहा था कि इकोनॉमी में तो पहले से ही गिरावट आ रही थी, नोटबंदी ने तो सिर्फ आग में घी का काम किया। शौरी ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, सरकार का केवल नए खुलासों  पर जोर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रात को कहा कि

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार ने नोटबंदी को लेकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने पुराने नोट बदलने की तारीख को लेकर फटकार लगाई है. कोर्ट का कहना है कि लोगों को पुराने नोट बदलने के लिए दोबारा मौका क्यों नहीं दिया गया है. SC ने केंद्र सरकार को दो हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है. कोर्ट का कहना है कि जिस व्यक्ति का इसको लेकर कोई वाजिब कारण था, उन लोगों का क्या हुआ. दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से देश में लोगों को पुराने नोट बदलने के लिए 30 दिसंबर तक की डेडलाइन दी हुई थी, वहीं एनआरआई

राजधानी शिमला में पुलिस ने शोघी में पंजाब नंबर की एक गाड़ी से चेकिंग के दौरान 50,53,500 के पुराने नोट बरामद किए हैं. पकड़ी गई नगदी में 500 और 1000 के नोट शामिल हैं. पुलिस ने इस मामले में गाड़ी सहित दो लोगों को पकड़ा है जो  मूलत: पंजाब के रहने वाले हैं. पुलिस ने दोनों से मिली करेंसी और गाड़ी को कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. फिलहाल इन दोनों ने नहीं बताया कि वे इतनी बड़ी रकम के पुराने चलन से बाहर हो चुके नोट कहां ले जा रहे थे और कहां से लेकर आए थे. एसपी शिमला

दिल्ली देश की आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े आ गए हैं. वित्त वर्ष 2016-2017 में देश की आर्थिक विकास दर 7.1 फीसदी रही है, जबकि 2015-16 में विकास दर 8 फीसदी थी. वहीं, जनवरी-मार्च 2017 के दौरान विकास दर गिरकर 5.6 फीसदी हो गई, जबकि जनवरी-मार्च 2016 में विकास दर 8.7 फीसदी थी. 2016-17 में विकास दर के आंकड़ों से साफ है कि देश की आर्थिक विकास दर पर नोटबंदी का असर हुआ है. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.1 फीसदी रही है. विश्लेषकों का मानना है कि पिछले साल हुई नोटबंदी के चलते

दिल्ली कालेधन पर लगाम और डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कदम से देश की अर्थव्यवस्था को करीब 5 लाख करोड़ का लाभ हुआ है. सरकार की एक उच्च स्तरीय आंतरिक आंकलन रिपोर्ट में यह बात कही गई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री के अचानक लिए इस फैसले के वक्त हमारी अर्थव्यवस्था में करीब 17.77 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में थे. वहीं मई, 2017 आते-आते उपयोग किए जा रहे बैंक नोटों का मूल्य