रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राइ जंक्शन पर मौजूद डोकलाम का दौरे पर है. रक्षा मंत्री यहां पर शनिवार को जमीनी तैयारियों का जायजा लिया. डोकलाम में जून से भारत और चीन के बीच विवाद जारी था और करीब 73 दिनों बाद 28 अगस्त को विवाद सुलझा है. सीतारमण के साथ उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरतचंद भी डोकलाम आए है. निर्मला सीतारमण डोकलाम का दौरा करने के अलावा नाथूला भी जाएंगी और यहां पर सैनिकों से बातचीत करेंगी. इससे पहले विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को कहा गया है कि डोकलाम में भारत-चीन के बीच सैन्य गतिरोध की जगह और

भारत और चीन के बीच डोकलाम में सीमा को लेकर जारी विवाद पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान आया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि डोकलाम पर जल्द समाधान होगा क्योंकि भार शांति चाहता है, कोई विरोध नहीं। आईटीबीपी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए राजनाथ सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं अपने पड़ोसियों को कहना चाहता हूं कि भारत शांति चाहता है, कोई विरोध नहीं। इस मुद्दे का समाधान जल्द होगा। उन्होंने आगे कहा कि इस जिंदगी में इंसान अपने दोस्त बदल सकता है लेकिन पड़ोसी नहीं इसलिए पड़ोसियों से अच्छे संबंध बेहद जरूरी हैं।

सिक्किम के डोकलाम में टकराव अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब चीन ने लद्दाख में भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की है. मंगलवार सुबह करीब 11 बजे चीन के सैनिक पांच छह गाड़ियां लेकर आए और उसे अपने इलाके में खड़ी कर पैदल पैदल भारतीय इलाके में घुस आए. जिस जगह से चीनी सैनिक भारत में दाखिल हुए वह पेंगोंग झील का इलाका है. चीनी सैनिकों की इस हरकत को देखकर वहां तैनात आईटीबीपी के जवानों ने ह्यूमन चैन बना लिया और उन्हें रोकने लगे. इस दौरान देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई भी हुई. यह विवाद

भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। बढ़ते तनाव के बीच चीनी मीडिया ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। चीनी मीडिया ने धमकी भरी लहजे में लिखा है कि मोदी सरकार भारत को युद्ध की तरफ धकेल रही है। बता दें कि इससे पहले भी चीनी मीडिया ने भारत को धमकी देते हुए लिखा था कि यदि युद्ध हुआ तो भारत को इस टकराव का परिणाम भुगतना पड़ सकता है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि भारत में उभर रहे 'हिंदू राष्ट्रवाद' की वजह से भारत-चीन के बीच युद्ध हो सकता है। ग्लोबल