जीएसटी काउंसिल इस हफ्ते होने वाली बैठक में रोजमर्रा की कुछ वस्तुओं पर कर की दर घटाने पर विचार कर सकती है। बैठक में हाथ से बने फर्नीचर, प्लास्टिक उत्पादों और शैंपू जैसी वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की उम्मीद है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुआई वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक 10 नवंबर को होनी है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ सामान्य इस्तेमाल की वस्तुओं पर 28 फीसद की जीएसटी दर को कम करने पर विचार होगा। छोटे एवं मझोले उपक्रमों को राहत के लिए काउंसिल उन क्षेत्रों में दरों को तर्कसंगत बनाने पर विचार करेगी, जहां जीएसटी

दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की आज अहम बैठक होगी। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल भी शामिल होंगे। मनप्रीत सिंह बादल लंगर को जीएसटी मुक्त करने को लेकर अपनी बात रख सकते हैं।

दिल्ली जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में काफी कशमकश के बाद सोने पर 3 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया है. इससे पहले सोने को जीएसटी के 5 पर्सेंट के स्लैब में रखे जाने की चर्चा थी, लेकिन केरल को छोड़कर कोई भी राज्य इस पर सहमत नहीं था. अब गोल्ड और गोल्ड जूलरी पर 3 पर्सेंट टैक्स लगेगा. डायमंड पर भी 3 पर्सेंट टैक्स लगेगा, जबकि रफ डायमंड पर 0.25 फीसदी जीएसटी लागू होगा. जीएसटी काउंसिल की अगली मीटिंग 11 जून को होगी. फिलहाल सोने पर 2 से 2.5 पर्सेंट के करीब टैक्स लागू होता है, ऐसे में 3 पर्सेंट टैक्स लागू

जीएसटी लागू होने पर सोना, ज्वेलरी, बिस्कुट जैसे आइटम महंगे होंगे या सस्ते ये आज तय हो जाएगा. आज होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में ऐसे 8 आइटम पर टैक्स की दरें तय होने वाली हैं. कल की बैठक में सोना, बिस्कुट, टेक्सटाइल, जूता, बीड़ी, सिगरेट, खेती से जुड़े प्रोडक्ट और सोलर पैनल पर जीएसटी की दर तय की जाएगी. सोने पर 5 फीसदी रेट का प्रस्ताव रखा जाएगा. हालांकि केरल के अलावा बाकी राज्य सोने पर 5 फीसदी के जीएसटी रेट के खिलाफ हैं, ऐसे में सहमति नहीं बनी तो दर 3 फीसदी हो सकती है. वहीं ब्रांडेड बिस्कुट पर

देशवासी आने वाले वक्त में नमक से लेकर आलीशान कार खरीदने और फोन-कॉल से लेकर रेस्टॉरेंट में खाना खाने पर किस दर से कर चुकाएंगे। उसका निर्धारण आज श्रीनगर में शुरू हो रही जीएसटी परिषद की दो दिन की बैठक में तय किया जाएगा। कश्मीर घाटी में हाल के प्रदर्शनों को देखते हुए इस बैठक के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। उनके मंत्रालय के अधिकारी, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। पूरे देश में माल और सेवा कर की नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली एक जुलाई से लागू