लश्कर चीफ हाफिज सईद की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. लाहौर हाईकोर्ट ने हाफिज की नजरबंदी 30 दिन के लिए बढ़ा दी है. कोर्ट ने ये फैसला पंजाब सरकार की अपील पर लिया है. 24 अक्टूबर को नजरबंदी की अवधि खत्म हो रही है. पंजाब सरकार ने दो दिन पहले आतंकवाद विरोधी कानून के तहत उसकी नजरबंदी बढ़ाने का अपना आवेदन वापस ले लिया था. जमात उद दावा प्रमुख और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड सईद जनवरी से अपने घर में नजरबंद है. हाफिज सईद को कड़ी सुरक्षा के बीच तीन सदस्यीय प्रांतीय न्यायिक समीक्षा बोर्ड के सामने पेश किया गया. पंजाब

पाकिस्तान सरकार ने आतंकवाद निरोधक कानून के तहत आतंकी हाफिज सईद की हिरासत बढ़ाने की अर्जी शनिवार को वापस ले ली. सरकार दो बार से कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर उसकी हिरासत अवधि बढ़वा रही थी. मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद को चार अन्य के साथ 31 जनवरी को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत 90 दिन के लिए पंजाब सरकार ने हिरासत में लिया था. तब से वह घर में नजरबंद है. पंजाब के गृह मंत्रालय ने कोर्ट में कहा कि सरकार आतंकी कानून के तहत उसकी हिरासत नहीं बढ़वाना चाहती. कोर्ट ने

मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ को मानहानि का नोटिस भेजा है. ख्वाजा आसिफ ने हाफिज को अमेरिका का डार्लिंग बताया था. जिसके चलते हाफिज ने उनपर 10 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा ठोक दिया. न्यूयॉर्क में एशिया सोशायटी के कार्यक्रम में आसिफ ने बीते मंगलवार को हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा को अपने देश के लिए बोझ करार दिया था. हालांकि यह भी कहा था कि पाकिस्तान के पास ऐसी जरूरी पूंजी नहीं है जो इनसे निजात दिला सके. आसिफ ने कहा था कि अमेरिका आज जिन आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई के लिए दबाव बना

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने हाफिज सईद के संगठन तहरीक-ए-आजादी (जम्मू एंड कश्मीर) पर बैन लगा दिया है. यह कदम प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की मुलाकात के बाद उठाया गया है. ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला ट्रंप की आतंकवाद विरोधी नीति से प्रभावित होकर लिया गया है. जमात-उद-दावा अब तहरीक-ए-आजादी (जम्मू एंड कश्मीर) के नाम से जाना जाता है और 2008 के मुंबई हमलों के पीछे इसी संगठन का हाथ था. बीते जनवरी में पाकिस्तान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हाफिज सईद को नजर बंद कर दिया था और उसके संगठन जमात-उद-दावा पर निगरानी रखने

लाहौर मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद आतंकवादी है और उसके साथी अपने संगठन जमात-उद-दावा के सहारे जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैला रहे. यही वजह है कि पाकिस्तान सरकार ने हाफिज सईद और उसके साथियों के खिलाफ जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैलाने के आरोप में हिरासत में रखा है. यह स्वीकारोक्ति खुद पाकिस्तान की है. पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने लाहौर में न्यायिक समीक्षा बोर्ड के सामने पेश सईद के बारे में अपनी यह दलील रखी. लौहार कोर्ट में पेशी के दौरान सईद ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि पाकिस्तानी सरकार ने उसे कश्मीर के लोगों के