नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह अगले सोमवार को इस सवाल पर विचार करेगा कि क्या उच्च न्यायालय रिट अधिकार के तहत विवाह रद्द कर सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर हाई कोर्ट एक मुस्लिम युवक की उस हिन्दू महिला से शादी को अमान्य घोषित कर सकता है जिसने निकाह करने से पहले इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई चन्द्रचूड़ की 3 सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि केरल के मुस्लिम युवक शफीन जहां की नई अर्जी पर 9 अक्टूबर को

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि वह असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को एक समान पे स्केल देने के मामले में दो हफ्ते में कारगर कदम उठाएं, अन्यथा वे मामले की अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहे. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने डीआर चौहान, संत राम चौहान व लायक राम शर्मा की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किए. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सभी लाइब्रेरियन एक सी योग्यता रखते हैं और उन्हें नियुक्ति की तारीख के आधार पर पे स्केल