हिमाचल प्रदेश में ठंड ने पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 20 नवंबर के दिन केलंग का न्यूनतम तापमान पिछले आठ साल के दौरान -6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज नहीं किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 2009 के दौरान 20 नवंबर को केलंग का तापमान -11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तब से लेकर अभी तक इतना कम न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड नहीं किया गया है। दूसरी ओर, मंगलवार को प्रदेश की राजधानी से ठंडा सोलन जिला रहा है। सोलन का न्यूनतम तापमान शिमला के मुकाबले में करीब दो डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है। सोलन का न्यूनतम 4.4

हिमाचल प्रदेश में राशनकार्ड धारकों के लिए खुशखबरी है। दरअसल उपभोक्ताओं को डिपो में पहले की अपेक्षा अगले माह से दालें और सस्ती मिलेगी। खाद्य आपूर्ति निगम ने डिपुओं में मिलने वाली 7 दालें उपलब्ध करवाई है। जिनमें से 5 दालों के रेट 5 से 10 रुपए कम किए है। इनमें उड़द, दाल चना, राजमा, मूंग, काली मसूर, मलका और काबुली चना शामिल हैं। इनमें से उपभोक्ता पसंद की तीन दालें ले सकता है। जनहित का फैसला होने के नाते इलेक्शन कमीशन ने शुक्रवार को दालों और तेल के सप्लाई आर्डर को मंजूरी दी है। फाइल साइन होते ही प्रदेश सरकार

हिमपात से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके बर्फ से ढक गए हैं। बर्फबारी और रुक-रुक कर हो रही बारिश से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है और पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर लेह व गुरेज राजमार्ग बंद हो गए हैं। हिमाचल में शुक्रवार को रोहतांग दर्रे पर 25 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। जनजातीय क्षेत्रों केलांग, किन्नौर के कल्पा और मंडी के पर्वतीय क्षेत्र शिकारी देवी में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। शिमला में दोपहर को बूंदाबांदी हुई। बृहस्पतिवार देर रात से वे रोहतांग दर्रा लांघ नहीं

हिमाचल में डेंगू के डंक से हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेश के अस्पतालों में डेंगू के 2500 से ज्यादा संदिग्ध मामले पहुंचे हैं। करीब 2621 लोगों की जांच की गई, जिनमें 401 मामले पॉजिटिव पाए गए। सबसे ज्यादा प्रकोप सोलन जिले में है, जहां 265 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हेल्प इमरजेंसी की तर्ज पर राज्य सरकार ने सूबे में अलर्ट जारी कर दिया है। आईजीएमसी के एमएस डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि प्रदेश भर में डेंगू की नि:शुल्क जांच की जा रही है और पॉजीटिव मामलों में रोगियों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। उन्होंने

जिला हमीरपुर में प्रधानमंत्री बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत अभिदाता पंजीकरण फार्म सामने आया है, जिसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 8 से 32 वर्ष तक की बेटी का पंजीकरण किया जा रहा है. इस फार्म में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 200 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है तथा यह योजना देश के 28 राज्यों में शुरू हुई है, जिसमें 8 से 32 साल तक की बेटियों का एक फार्म भरा जाएगा व इसे पंचायत प्रधान द्वारा सत्यापित करवाने के बाद भारत सरकार महिला एवं विकास मंत्रालय शास्त्री

हिमाचल प्रदेश में काम करने वाले 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और 3.5 लाख पेंशनर्स के लिए बुरी खबर है। आदर्श आचार संहिता 18 दिसंबर तक लगी रहने के कारण उन्हें वेतन-पेंशन और भत्तों के लिए तरसना पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश कड़की के दौर के गुजऱ रहा है जिसकी वजह से सरकार के सामने ये मुश्किल पेश आ सकती है। नई सरकार बनने तक वीरभद्र सरकार को नीतिगत फैसला नहीं ले सकती जिसकी वजह से सरकार के सामने पेंशन और कर्मचारियों को वेतन देने में मुश्किल होगी। कर्मचारियों के वेतन और भत्ते अटके तो उनके परिवारों को भी दिक्कतों का सामना

हिमाचल में भाईचारे का हवाला देकर आपकी भावनाओं से खेलने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है, ऐसे में सतर्क तथा सचेत रहें। ऐसी ही एक घटना उस समय घटी जब क्षेत्र के एक नामी चिकित्सक को फोन पर उनके मित्र के नाम पर अज्ञात लोगों ने ठग लिया। ब्रिज मंडी स्थित डा. एन.के. सिंगला के साथ यह घटना उस समय घटी जब वह अपने क्लीनिक में मरीजों का चैकअप करने में व्यस्त थे और इसी दौरान उन्हें मोबाइल पर एक फोन आया। फोन में कहा गया कि वह उनके अमुक मित्र का खासमखास बोल रहा है व इस समय मुश्किल

हिमाचल प्रदेश में दिल की बीमारी, एंटी बायोटिक, बुखार, दर्द, जलने व गैस्टिक की 10 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार 10 में से 5 बी.बी.एन. औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित दवा कंपनियों के ही सैंपल फेल हुए हैं। केन्द्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन ने देशभर में मई माह से ड्रग अलर्ट जारी कर दिया है। देशभर में 20 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। ये 5 दवाएं प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बी.बी.एन. में बन रही हैं। इसके अलावा पांवटा साहिब की 2, कालाअंब, कांगड़ा की संसारपुर टैरस व ऊना

अचानक तापमान में गिरावट के कारण समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ गया है। यहां सामान्य तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम व अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति, कल्पा, किन्नौर, पांगी, भरमौर आदि कई क्षेत्रों का तापमान जमाव बिंदु के आसपास पहुंच चुका है। जनजातीय क्षेत्रों में पानी जमना शुरू हो गया है और लोगों को पेयजल संकट सताने लगा है। केलंग का पारा माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में गिरने जाने वाले जिला ऊना में भी न्यूनतम तापमान