नीदरलैंड के हेग की अंतर्राष्ट्रीय अदालत में भारतीय जज दलवीर भंडारी ने बाजी मार ली है. जस्टिस दलवीर भंडारी को जनरल एसेंबली में 183 मत मिले जबकि सिक्योरिटी काउंसिल में जस्टिस भंडारी को 15 मत मिले. भंडारी का मुकाबला ब्रिटेन के उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से था. भंडारी दूसरी बार अतंराष्ट्रीय अदालत के जज बने हैं. भारत की ये जीत बेहद खास है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय अदालत के पांचवे जज का मुकाबला बेहद दिलचस्प था. हर पल नए-नए मोड़ आ रहे थे. 11वें मुकाबले तक जस्टिस दलबीर भंडारी जनरल एसेंबली में तो आगे थे मगर सिक्योरिटी काउंसिल में उनके पास क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से

इस्लामाबाद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत (आइसीजे) में भारतीय आवेदन के खिलाफ पाकिस्तान ने अपना जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव (46) को पिछले साल मार्च में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था। पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के लिए मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने जाधव का ईरान से अपहरण किया था। आइसीजे ने पाकिस्तान को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 13 दिसंबर तक का समय दिया था ताकि

पाकिस्तान में भारत के पूर्व नेवी अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में इस मामले में सुनवाई चल रही है. अब पाकिस्तान ने दावा किया है कि आईसीजे ने भारत की उस अपील को ठुकरा दिया है, जिसमें जाधव के केस की कार्यवाही को दिसंबर तक टालने की अपील की गई. बता दें कि 19 मई में आईसीजे ने पाक को आखिरी फैसले तक जाधव को फांसी न देने को कहा था. पाक की मिलिट्री कोर्ट ने अप्रैल में कुलभूषण जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को तब तक फांसी नहीं दी जाएगी जब तक कि वह अपनी सभी क्षमा याचिकाओं का इस्तेमाल नहीं कर लेते. इसके पहले भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी यह बात इशारों में कही थी, पर आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की ओर से यह पहला बयान है. बताया जा रहा है कि गुरुवार को पाकिस्तान में हुई नैशनल सिक्यॉरिटी कमिटी (NSC) की बैठक में यह फैसला लिया गया है. जाधव को रिहा कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय अदालत में केस लड़ रहे भारत के

कारगिल युद्ध में शहीद कैप्टन सौरभ कालिया से हुए अमानवीय व्यवहार का मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में ले जाने के लिए पूर्व सैनिक एकजुट हो गए हैं। हि पूर्व सैनिक लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि जब कुलभूषण जाधव को न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला उठाकर सफलता हासिल कर सकती है तो शहीद कैप्टन सौरभ कालिया को भी उसी तर्ज पर न्याय मिलना चाहिए। आपको बता दें, शहीद कालिया के पिता अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए केस अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में चलाने को

जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत(ICJ) में मिली हार के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया है. इस हार के बाद पाक की तरफ से लगतार कई सारे बयान आ रहे है. इसी कड़ी में पाक की तरफ से एक बयान न्यूक्लियर हथियार बनाने को लेकर आया है. पाक ने भारत पर यह आरोप लगया है कि न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप के तहत शांति के मकसद से मिले न्यूक्लियर सामग्री का भारत गलत इस्तेमाल कर रहा है और इसका इस्तेमाल हथियार बनाने में कर रहा है. पाक का आरोप है कि परमाणु सामग्री का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में करने के परिणामस्वरूप वह दुनिया में

हेग भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाए जाने के खिलाफ याचिका पर भारत को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में बड़ी जीत मिली है. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अंतिम फैसला आने तक जाधव की फांसी पर रोक लगाए रखने का आदेश दिया है. ICJ के जज रोनी अब्राहम ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कुलभूषण जाधव को जासूस बताने वाला पाकिस्तान का दावा नहीं माना जा सकता. पाकिस्तान ने अदालत में जो भी दलीलें दीं, वे भारत के तर्क के आगे कहीं नहीं ठहरतीं. https://twitter.com/ANI_news/status/865148188809768960 इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वियना संधि के तहत भारत को कुलभूषण जाधव तक