शिमला गुड़िया प्रकरण में न्यायिक हिरासत में चल रहे आईजी जहूर जैदी को वीआईपी ट्रीटमेंट के बाद आईजीएमसी से छुट्टी मिल गई है। आईजी जैदी को शाम तीन बजे आईजीएमसी से कंडा जेल ले जाया गया। वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने इसकी पुष्टि की है। कान के दर्द के बाद गेस्ट्रो विभाग में जैदी तीन दिन दाखिल रहे। बीस दिन से अस्पताल में इनको वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। इन्हें 13 सितंबर को सीने में दर्द होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सोलह सितंबर तक कॉर्डियोलॉजी विभाग के सीसीयू में दाखिल रहे। इसके बाद से वे कार्डियोलॉजी विभाग

शिमला के तारादेवी जंगल में बेसुध हालत में मिली गर्भवती महिला की आईजीएमसी अस्पताल में मौत हो गई है। महिला ने मंगलवार तड़के सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस अभी तक इसकी पहचान नहीं कर पाई है। पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को तारादेवी के जंगल में यह महिला बेसुध हालत में मिली थी। दो स्थानीय युवकों ने सबसे पहले इसे यहां देखा जिसके बाद पंचायत प्रधान को इसकी सूचना दी। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और इसे अस्पताल ले आई। महिला के शरीर पर चोटों के घाव थे। चिकित्सीय जांच में पता चला कि यह चार माह की गर्भवती

आईजीएमसी के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरजी सूद की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। उन्हें आईजीएमसी से पीजीआई ले जाया जा रहा था। दोपहर तीन बजे सोलन के बड़ोग के पास इनकी मौत हो गई। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने इसकी पुष्टि की है।  रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष पिछले ग्यारह दिन से अस्पताल में दाखिल थे। डॉक्टरों की निगरानी में इन्हें आईसीयू में रखा गया था। डॉक्टरों के मुताबिक इनकी हालत काफी गंभीर थी। ऐसे में रविवार को डॉक्यूमेंट संबंधी सभी प्रक्रिया पूरी की गई। दोपहर बाद डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में उन्हें

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में अगस्त महीने तक नया ओपीडी ब्लॉक बनकर तैयार हो जाएगा. सरकार की ओर से इस निर्माणकार्य को पूरा करने के लिए नए सिरे से डेडलाइन तैयार की गई है. हालांकि निर्माण कार्य निर्धारित समय से आगे बढ़ चुका है, लेकिन निर्माण कार्य में अब तेजी लाने का दावा किया जा रहा है. आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने कहा कि आईजीएमसी के ओपीडी ब्लॉक के निर्माण पर करीब 56 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. अस्पताल के करीब 33 विभागों की ओपीडी को इसमें