इजरायल के इतिहास में पहली बार सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास चल रहा है। इसमें भारत और इजरायल के अलावा अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, ग्रीस और पोलैंड की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। इस अभ्यास का नाम 'ब्लू फ्लैग-2017' है। भारतीय वायुसेना पहली बार इसमें शामिल हुई है। उसने सी-130जे सुपर हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट और 45 सदस्यीय टीम को इजरायल भेजा है। इसमें 15 गरुड़ कमांडो भी शामिल हैं। भारतीय दल का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन मलुक सिंह कर रहे हैं। वहीं, अभ्यास में इजरायल के 25 जेट फाइटर और एयरक्रॉफ्ट के अलावा 7 देशों के 35 लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल विजिट शुरु हो रही है. इजरायल यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच दोनों देशों के रिश्ते मजबूत करने, टेररिज्म और साइबर सिक्युरिटी जैसे सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने से लेकर पानी और व्यापार जैसे मसलों पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक खुद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करेंगे. आज तक इजरायल के पीएम सिर्फ पोप और यूएस राष्ट्रपति को रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट पर गए हैं. लेकिन इस बार मोदी के

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 से 6 जुलाई तक इजरायल के दौरे पर रहेंगे. मोदी इजरायल का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे. पीएम मोदी का यह दौरा सैन्य लिहाज से काफी अहम बताया जा रहा है, भारत और इजरायल पिछले कुछ समय में एक दूसरे के काफी करीब आए हैं. सिर्फ सैन्य ताकतों के हिसाब से ही नहीं कूटनीति के हिसाब से भी मोदी के इस दौरे की काफी अहमियत है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एयरपोर्ट पर मोदी के स्वागत के लिए मौजूद रहेंगे. 90 के दशक से ही भारत और इजरायल के बीच सैन्य संबंध मजबूत होते रहे