रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में तीनों सेवाओं के कमान के साथ दिवाली मनाएंगी. सीतारमण बुधवार और गुरुवार को अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह जाएंगी. इस दौरान वह इसकी संचालन तैयारियों और संबंधित मुद्दों की समीक्षा करेंगी. रक्षा मंत्रालय ने कहा, कमान के पहले दौरे में वह सैनिकों के साथ दिवाली मनाएंगी और दो दिन में विभिन्न समारोहों के दौरान उनके परिजन से बातचीत करेंगी. इसने कहा कि सीतारमण कमान के संचालन इलाके और कार निकोबार वायुसेना स्टेशन भी जाएंगी. अंडमान-निकोबार कमान भारत का एकमात्र तीनों सेवाओं का कमान है. सीतारमण सेल्युलर जेल में स्वतंत्र ज्योति और कार निकोबार में सूनामी स्मारक पर पुष्पचक्र

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राइ जंक्शन पर मौजूद डोकलाम का दौरे पर है. रक्षा मंत्री यहां पर शनिवार को जमीनी तैयारियों का जायजा लिया. डोकलाम में जून से भारत और चीन के बीच विवाद जारी था और करीब 73 दिनों बाद 28 अगस्त को विवाद सुलझा है. सीतारमण के साथ उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरतचंद भी डोकलाम आए है. निर्मला सीतारमण डोकलाम का दौरा करने के अलावा नाथूला भी जाएंगी और यहां पर सैनिकों से बातचीत करेंगी. इससे पहले विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को कहा गया है कि डोकलाम में भारत-चीन के बीच सैन्य गतिरोध की जगह और

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण आज से दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर जाएंगी. रक्षामंत्री का पद ग्रहण करने के बाद निर्मला का यह पहला कश्मीर दौरा होगा. शुक्रवार को वह कश्मीर में रहेंगी, जिसके बाद शनिवार को विजयादशमी के दिन वह सियाचिन पोस्ट पर भी जाएगीं. निर्मला शुक्रवार को बॉर्डर एरिया का जायजा लेंगी और अधिकारियों के साथ बैठकें भी करेंगी.

केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पणजी में 'नविका सागर परिक्रमा' अभियान को हरी झंडी दिखाई. पोत के जरिए विश्व की परिक्रमा करने वाले इस महत्वपूर्ण अभियान का प्रबंधन भारतीय नौसेना के जिन क्रू-सदस्यों के हाथ में है, उसमें सभी महिलाएं शामिल हैं. Goa: Union Defence Minister Nirmala Sitharaman at flagging-off ceremony of #NavikaSagarParikrama in Panaji pic.twitter.com/M692DsyIXZ — ANI (@ANI) September 10, 2017 महिला क्रू-सदस्‍य भारत में निर्मित आइएनएसवी तारिणी पर सवार होकर पृथ्वी की परिक्रमा करेंगी. नौसेना के एक प्रवक्ता के अनुसार, अगले साल मार्च के आसपास यह परिक्रमा पूरी होगी. इस दौरान पोत कई महासागरों से होकर गुजरेगा. यह भी