पेट्रोल और डीजल की बेलगाम कीमतों को केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केजे अल्फोंस ने सही ठहराया है. अल्फोंस ने कहा कि पेट्रोल और डीजल खरीदने वाले लोग भूख से नहीं मर रहे हैं. पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाला पैसा गरीबों के कल्याण में खर्च किया जाएगा और सरकार ने यह फैसला सोच समझकर लिया है. उन्होंने कहा कि जो लोग पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं उन्हें टैक्स देना ही होगा. पेट्रोल कौन खरीदता है? जिसके पास कार और बाइक है, वही पेट्रोल और डीजल खरीदता है और वह भूख से नहीं मर रहा. जो लोग इसे वहन कर सकते हैं उन्हें

दिल्ली एक मई से अब रोजाना पेट्रोल-डीजल के दाम तय होंगे. शुरुआत में सरकार ने ये व्यवस्था पांच शहरों में लागू करने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद अब कच्चे तेल की ताजा लागत के हिसाब से पेट्रोल-डीजल के दाम तय होंगे और दाम तय करने के लिए मौजूदा व्यवस्था के अनुसार 15 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. पेट्रोलिय मिनिस्ट्रर धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि ये पायलट प्रोजेक्ट पुद्चेरी, विशाखापटनम, उदयपुर, जमशेदपुर और चंडीगढ़ में शुरू होगा और इन शहरों में रोजाना पेट्रोल-डीजल के दाम तय होंगे. उन्होंने कहा कि अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसे बाकी