दिल्‍ली में ऑटो ईंधन से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने फैसला लिया है कि बीएस -VI ईंधन को दो साल पहले लाया जाएगा.  इससे पहले बीएस -VI को वर्ष 2020 में लाने का फैसला लिया गया था. पेट्रोलयम मंत्रायल ने ये फैसला वाहनों के उत्‍सर्जन को कम करने और ईंधन की दक्षता में सुधार लाकर कार्बन के प्रभाव को कम किया जा सकता है. मंत्रायल अपने फैसले को पूरे एनसीआर पर लागू करने पर विचार कर रही है. ये फैसला अप्रैल 2018 से दिल्‍ली में लागू होगा. गौरतलब है कि 1 अप्रैल 2017 से सुप्रीम

पेट्रोल-डीजल पर भले ही केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर राहत देने की कोशिश की है, लेकिन ये राहत भी अब बेअसर साबित होती नजर आ रही है. सोमवार को मुंबई में एक लीटर पेट्रोल 76 रुपये पर पहुंच गया है. वहीं, डीजल 60.78 रुपये पर है. फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे. दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. कच्चे तेल की कीमतें 2015 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 62 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच

अगर आप लगातार महंगे हो रहे पेट्रोल और डीजल को लेकर परेशान हैं तो आने वाले दिनों में आपको अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है। फिलहाल कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं। इस बीच तेल के सबसे बड़े उत्पादक देशों में से एक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मार्च 2018 तक आपूर्ति और उत्पादन में कमी करने का समर्थन किया है। इससे आने वाले दिनों में कच्चे तेल के दाम और बढ़ सकते हैं. इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर देखने

भारतीय डीलर संगठन के आह्वान पर ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने भी 12 अक्तूबर की रात से पेट्रोल पम्प बंद रखने का फैसला लिया है. इस फैसले के तहत हरियाणा में सभी कंपनियों के पम्प बंद रहेंगे. ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पम्प डीलरों के कमीशन, हर रोज रेट में बदलाव सहित विभिन्न मुद्दों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा जिससे पेट्रोल पम्प का व्यापार घाटे का सौदा बन गया है तथा पंप का संचालन करना बेहद मुश्किल हो गया है. उन्होंने बताया कि 12 अक्तूबर की मध्य रात्री से प्रदेश

पेट्रोल और डीजल की बेतहाशा बढ़ी कीमतों से आम आदमी को जल्द राहत मिल सकती है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल, डीजल के दाम अगले महीने दिवाली तक नीचे आ सकते हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर सरकार की लगातार आलोचना हो रही है. विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. मंगलवार को प्रधान ने कहा कि अमेरिका में बाढ़ की वजह से तेल उत्पादन में 13 फीसदी की कमी आई है. इसकी वजह से रिफाइनरी तेल के दाम मजबूत हुए हैं. उन्होंने

पेट्रोल और डीजल की बेलगाम कीमतों को केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केजे अल्फोंस ने सही ठहराया है. अल्फोंस ने कहा कि पेट्रोल और डीजल खरीदने वाले लोग भूख से नहीं मर रहे हैं. पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाला पैसा गरीबों के कल्याण में खर्च किया जाएगा और सरकार ने यह फैसला सोच समझकर लिया है. उन्होंने कहा कि जो लोग पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं उन्हें टैक्स देना ही होगा. पेट्रोल कौन खरीदता है? जिसके पास कार और बाइक है, वही पेट्रोल और डीजल खरीदता है और वह भूख से नहीं मर रहा. जो लोग इसे वहन कर सकते हैं उन्हें

देश में पेट्रोल की कीमत में जुलाई से लेकर अबतक 6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया जा चुका है. बीते 60 दिनों के दौरान प्रतिदिन बढ़ती-घटती कीमतों के नए नियम से पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 2014 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. वहीं डीजल की कीमतों पर लागू इस नए नियम के चलते इस दौरान धीरे-धीरे कर कीमतें 3.67 रुपये बढ़ चुकी है. डीजल की ये कीमतें बीते चार महीनों के दौरान शीर्ष स्तर पर हैं.15 जून तक सरकारी तेल कंपनियां महीने में दो बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों का आंकलन करते हुए कीमतों में कटौती

आईओसी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम कर दी हैं। पेट्रोल 1.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 1.24 रुपए प्रति लीटर सस्ता हो गया है। नई कीमतें शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू होंगी. नई कीमत 16 जून से लागू होगी. देश भर में 58000 पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार 16 जून से पेट्रोल और डीजल के दाम दैनिक आधार पर तय होंगे. इस नई व्यवस्था के तहत सुबह छह बजे से नई दरें लागू होंगी. इसके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में उतार चढ़ाव और विदेशी विनियम दर में उतार-चढ़ाव के आधार पर पेट्रोल और डीजल के दाम में दैनिक

भारत की तेल विपणन कंपनियां अब देशभर में रोजाना पेट्रोल की कीमतों की समीक्षा करेंगी. यह नई व्यवस्था 16 जून, 2017 से प्रभावी होगी. यह जानकारी पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने दी है. देशभर में एक मई से पुडुचेरी, विशाखापट्नम, उदयपुर, जमशेदपुर और चंडीगढ़ में पेट्रोल-डीजल के लिए शुरू की गई दैनिक समीक्षा के पायलट प्रोजेक्ट में सफलता मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है. भारत पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), इंडियन ऑयल कॉर्प (आईओसी) और हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (एचपीसीएल) की यह मांग थी कि रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय की जाएं. आपको बता दें कि इन

देश में बीते चार सप्ताह से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलन से उलट आज पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 2.16 रुपए और डीजल की कीमत में 2.10 रुपए की कमी की गई. बीते एक मई को पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर दो पैसे और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 52 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी. इससे पहले 16 अप्रैल को पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 1.39 रुपए और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 1.04 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी. देश की सबसे बड़ी ईंधन विक्रेता कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प ने कहा कि