दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है जो खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का निदेशक बताकर सीनियर ब्यूरोक्रेट से अपने काम करवाता था और उन पर धौंस जामाता था. यहीं नहीं उसने अपने विजटिंग कार्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कमरे का नंबर दिया था, लेकिन फ़ोन नंबर गलत था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शख्स का नाम कन्हैया कुमार उर्फ डॉक्टर केके है. पुलिस के मुताबिक कुमार की मुश्किल तब बढ़ गई जब उसने इसी साल 20 सितंबर को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर से संपर्क किया और इंडियन डिफेंस अकॉउंट सर्विस के एक अधिकारी को मनचाहा पोर्टफोलियो देने को कहा.

मंगलवार तड़के प्रधानमंत्री कार्यालय के कमरा नंबर 242 में आग लग गई. बेहद सुरक्षित माने-जाने वाले प्रधानमंत्री कार्यालय में दूसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 242 में में ये आग सुबह करीब 3 बजकर 35 मिनट पर लगी. आग लगने की सूचना मिलते ही सुरक्षा में तैनात एसपीजी के इंस्पेक्टर ने तुरंत अग्निशमन दस्ते को आग की जानकारी दी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची. दमकल की 10 गाड़ियों ने करीब 20 मिनट में ही आग काबू पा लिया. हालांकि इस आग से पीएमओ के आधिकारिक दस्तावेजों को कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा है कि वह यह जानकारी नहीं दे सकता कि किन कंपनियों ने अपने विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों के इस्तेमाल की मंजूरी मांगी क्योंकि इस तरह के काम में 'गहन छानबीन' की जरूरत पड़ती है। एक आरटीआई के जवाब में पीएमओ ने कहा कि इस काम में उसके संसाधनों का भी 'अनुपातहीन रूप से' दूसरी दिशा में इस्तेमाल होगा क्योंकि सूचना एक 'ठोस' रूप में उपलब्ध नहीं है। एक अन्य आरटीआई आवेदन के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि उसके पास विज्ञापनों में मोदी की तस्वीरों के इस्तेमाल की खातिर रिलायंस जियो और