गुरुग्राम के प्रद्युम्न हत्या केस में आरोपी बस कंडक्टर अशोक को गुरुग्राम की जिला अदालत ने जमानत दे दी है।  कोर्ट ने 50 हजार रुपए के  मुचलके पर अशोक को जमानत की है। इससे पहले सोमवार को कोर्ट में कंडक्टर अशोक की जमानत पर बहस के बाद जज ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले 16 नवंबर को भी स्पेशल कोर्ट में इस मुद्दे पर बहस हो चुकी है। सीबीआई के वकील ने जांच पूरी होने तक कंडक्टर अशोक की जमानत का विरोध किया था। वहीं अशोक के वकील का दावा था कि अशोक के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं है

गुड़गांव प्रद्युम्न मर्डर केस के आरोपी बस कंडक्टर अशोक को गुरुवार को कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी. यहां कोर्ट ने सीबीआई से पूछा है कि किस आधार पर अशोक को अरेस्ट किया गया है.  इस पर सुबह सीबीआई ने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया. दोपहर फिर से सुनवाई हुई तो सीबीआई ने कहा कि हालांकि अशोक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है. दूसरी ओर प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने भी अशोक को जमानत दे दिए जाने का विरोध किसा. इसी बीच कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अब 20 नवंबर तय की

रेयान स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह ने उसके पिता को सीबीआई से जांच नहीं करवाने को कहा था. प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा से एक दिन पहले 14 सितंबर को पीडब्ल्यूडी, वन और नागरिक उड्‌डयन मंत्री राव नरबीर उनके घर आए थे. उन्होंने कहा था, ‘सीबीआई सिर्फ एक बड़ा नाम है,और कुछ नहीं. उसके पास काम का इतना बोझ है कि जांच लंबी खिंच जाएगी. हरियाणा पुलिस सीबीआई से बेहतर जांच एजेंसी है। यह समय पर रिपोर्ट देगी.’ लेकिन जब वरुण सीबीआई

प्रद्युम्न मर्डर केस में पुलिस की नजर कैसे कई अहम सबूतों पर नहीं गई। यह सवाल पुलिस को संदेह के दायरे में ले आता है। सीबीआई को शक है कि गुरुग्राम पुलिस जानती थी कि असली कातिल कौन है और उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार, मर्डर में 11वीं के छात्र को दोषी मानने के बाद अब सीबीआई साजिश के ऐंगल की ही जांच कर रही है। मर्डर में उस छात्र के शामिल होने के काफी सबूत सीबीआई को मिल चुके हैं लेकिन अब इस बात की जांच हो रही है कि उसे बचाने में

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सीबीआई इस मामले में कुछ पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस ने इस केस की शुरुआत में ही सबूतों को ख़त्म कर दिया था। पुलिस ने कंडक्टर अशोक को फंसाने के लिए फर्ज़ी चाकू की बरामदगी दिखाई थी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक सीबीआई ने कहा कि प्रद्युम्न मर्डर केस में गुड़गांव पुलिस ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की थी। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इस मर्डर की शुरुआती जांच में गुड़गांव पुलिस ने रेयान स्कूल के बस कंडक्टर

प्रद्युम्न ठाकुर मर्डर केस में 11th क्लास के स्टूडेंट के पिता ने CBI पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "मेरा बेटा पूरी तरह निर्दोष है। सीबीआई उसे प्रताड़ित कर रही है, उसे उल्टा लटकाकर पीटा गया है।" इस बीच, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सीबीआई को जवाब तलब किया है कि एजेंसी ने स्टूडेंट से पूछताछ के दौरान जांच की टाइमिंग का वॉयलेशन क्यों किया। आरोपी स्टूडेंट की रिमांड शनिवार को खत्म हो गई। वकील ने बताया कि स्टूडेंट को 22 नवंबर तक फरीदाबाद के ऑब्जर्वेशन होम में भेजा गया है। इसी दिन इस मामले की अगली सुनवाई भी होनी है। आरोपी

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को निर्ममता से की गई सात साल के मासूम प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या मामले में एक नया मोड़ आया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने अपने अ‌ध‌िकार‌िक बयान में कहा है क‌ि प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या उसी के स्कूल के 11वीं के छात्र ने की है और उस हत्यारोपी छात्र को तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजने की बात भी कही गई है। सीबीआई ने आरोपी छात्र को ग‌िरफ्तार कर ल‌िया है। सीबीआई के प्रवक्ता अभ‌िषेक दयाल का कहना है क‌ि आरोपी छात्र ने प्रद्युम्न की स‌िर्फ इसल‌िए हत्या कर

गुरुग्राम के चर्चित प्रद्युम्न हत्या कांड मामले की जांच कर रहे एक और अधिकारी का तबादला कर दिया गया है. भोंडसी थाने के एसएचओ नरेंद्र खटाना का पंचकूला में तबादला कर दिया गया है. बता दें कि इसे पहले 29 सितंबर को केस से जुड़ी एसीपी का भी ट्रांसफर कर दिया गया है. दोनों पुलिस अधिकारियों का मामले की सीबीआई जांच शुरू होने के बाद तबादला किया गया है.

रेयान इंटरनैशनल स्कूल की निलंबित प्रिंसिपल नीरजा बत्रा को स्कूल के गुड़गांव सेक्टर 40 ब्रांच में अध्यापक पद पर नौकरी दे गई. स्कूल प्रशासन के इस कदम से एक बार फिर उंगलियां उठ रही हैं. खुद प्रद्युमन के पिता वरुण ने भी प्रशासन के इस कदम पर आपत्ति जताई है. गौरतलब है कि पिछले महीने 8 सितंबर को रेयान स्कूल के भोंडसी ब्रांच में दूसरी कक्षा के प्रद्युमन ठाकुर की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में स्कूल बस के कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन प्रद्युमन के पैरंट्स की मांग पर

रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई 7 वर्षीय मासूम प्रद्युम्न हत्या मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. जांच शुरू करते ही सबसे पहले सीबीआई ने केस दर्ज किया. वहीं इस मामले में सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम शनिवार सुबह गुरुग्राम स्थित स्कूल पहुंची.शुक्रवार को अधिसूचना जारी होने के बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली. जांच के दौरान सीबीआई स्कूल के कुछ लोगों का बयान भी दर्ज कर सकती है. माना जा रहा है कि सीबीआई आज पुलिस से इस केस से जुडे सभी दस्तावेज इकट्ठा करेगी. वहीं इस मामले में पिंटो परिवार से भी