मुंबई में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्‍त व्‍यस्‍त है। एक ओर जहां बांद्रा रेलवे स्‍टेशन का सिग्‍नल फेल हो गया वहीं माटुंगा रेलवे ट्रैक पर भी पानी भरा है। कई जगहों पर लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गई हैं। बारिश के बाद अंधेरी सबवे को बंद कर दिया गया है। बारिश के कारण यहां विमान सेवा भी प्रभावित है। इसके अलावा शाम साढ़े चार बजे हाइ टाइड की चेतावनी जारी कर दी गयी है। परेल के केइएम अस्‍पताल में भी पानी भर गया है। जगह-जगह भारी जलजमाव के कारण सड़कों पर भी ट्रैफिक की गति धीमी पड़ गयी है। साथ

महज 5 घंटे की बारिश ने बेंगलुरु को पानी-पानी कर दिया। इतनी देर हुई लगातार बारिश ने पिछले दो दशकों का हुई 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रेकॉर्ड तोड़ दिया। इस दौरान शहर में 184 सेंटीमीटर बारिश हुई, यह मात्रा करीब उतनी है जितने की उम्मीद पूरे महीने के लिए थी। सोमवार रात 11 बजे से लेकर मंगलवार तड़के 4 बजे तक शहर में लगातार बारिश हुई। राज्य के डिजास्टर मॉनिटरिंग सेंटर के मुताबिक, इस महीने जितनी बारिश की उम्मीद की जा रही थी, उसकी 88 फीसदी महज 5 घंटों में हो गई। मंगलवार को पूरे दिन बादल छाए

भारी बारिश ने देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाई है. पिछले तीन दिन में अब तक बिहार में 41 लोगों की मौत हो चुकी है. लगभग 65.37 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इसके साथ ही इस विनाशकारी बाढ़ ने असम और बंगाल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लिया है. वहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त है. देश के बाकी हिस्सों से पूर्वोत्तर का रेल संपर्क टूट गया है. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बादल फटने की दो घटनाओं में छह लोगों की जान चली गई. छह सैन्यकर्मियों समेत दस लोग लापता हैं. बिहार में लगभग 65.37 लाख लोग बाढ़

सप्ताह बाद हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम सुहावना हो गया है। किसानों को राहत मिली है, पर निचले स्थानों पर निकासी होने से पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन पानी में फंसे रहे। मौसम विभाग के अनुसार 1 अगस्त से 4 अगस्त तक रोपड़ आसपास बारिश की संभावना है। ज्ञानी जैल सिंह नगर की कंक्रीट की बनी सड़क पर पानी की निकासी होने से हर बार की तरह रविवार को भी बारिश का पानी जमा हो गया। कार चालक, दोपहिया चालकों को परेशानी हुई। जैल सिंह

लेट आया मानसून अभी भी एक्टिव नहीं हो रहा। मौसम विभाग की भविष्यवाणियां गलत साबित हो रही हैं। बुधवार को विभाग ने बारिश की संभावना जताई थी पर ऐसा हुआ नहीं। अब शुक्रवार से रविवार तक बादल छाये रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। बारिश होने का असर टैंपरेचर पर पड़ा है। मंगलवार की तुलना में बुधवार को मैक्सिमम टैंपरेचर 2.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। मिनिमम टैंपरेचर में भी वृद्धि हुई है। बुधवार रात राडार और सेटेलाइट से लिए गए चित्रों में भारी नमी वाले बादल नदारद दिखे। इन्हीं बादलों से बारिश होती है। बुधवार को मौसम

ओडिशा और उसके आसपास के इलाकों में अगले कुछ घंटों में भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा के तटीय इलाकों से उठा दबाव अगले 4-5 दिनों में देश के कई उत्तरी और पश्चिमी राज्यों तक जाएगा, जिससे बाढ़ की भी आशंका है। पूर्वी तटीय इलाकों पर बने इस दबाव का सबसे ज्यादा असर ओडिशा पर पड़ेगा। पुरी और गोपालपुर के बीच भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के अध्यक्ष एम मोहपात्रा ने बताया, 'अगले 24 घंटों में दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी तटीय आंध्र के इलाकों में भारी बारिश होगी।' उधर पृथ्वी विज्ञान

हिमाचल में कभी-कभी बारिश कम होती है तो कभी कई दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहता है. इस मानसून सीजन के दौरान भी ऐसा ही हो रहा है. बारिश नहीं होने के चलते प्रदेश में उमस बढ़ गई है. भारत में मानसून की दस्‍तक के बाद लगभग सभी राज्‍यों में बारिश की बूंदों ने जमीन को चूमा है. राजधानी दिल्ली में दो जुलाई को मानसून ने दस्तक दी. लेकिन थोड़ी सी ही बारिश में दिल्‍ली की सड़कों का दम फूल गया और कई जगहों पर जल-जमाव से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. वहीं बात करें अगर हिमाचल की तो मौसम अधिकारी

कुल्लू घने जंगल में बारिश के बीच चल रही रेव पार्टी में पुलिस ने रेड की. इस दौरान देश-विदेश के युवक युवतियां वहां से फरार हो गए. मणिकर्ण घाटी के शिलाघाट के जंगल में शुक्रवार रात को देश विदेश के युवक-युवतियों के लिए एक रेव पार्टी आयोजित की गई थी. यहां करीब 60 से अधिक युवा अंधेरी रात में डीजे की धुन पर मस्ती कर रहे थे. इसकी सूचना स्थानीय लोगाें ने पुलिस को दी. मणिकर्ण पुलिस चौकी से एएसआई दया राम की अध्यक्षता में चार पुलिस जवानों की एक टीम मौके पर पहुुंची और रेव पार्टी को रोक दिया. इस दौरान

उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के बाद 10 जिलों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर हाईअलर्ट जारी किए गए हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. जिन 10 जिलों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है, उनमें लखनऊ, प्रतापगढ़, फैजाबाद, गोंडा, रायबरेली, हरदोई, बाराबंकी, बदायूं, बरेली तथा मुरादाबाद शामिल हैं. एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा नदियां उफान पर हैं और इनके जलस्तर में आगे और वृद्धि की संभावना है.

मानसून की पहली बारिश ने सीएम सिटी करनाल में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। शाम नगर समेत कई इलाके पानी में डूब गए। इससे हजारों लोग परेशान हैं, लोगों के घर और दुकान चार-चार फुट पानी में डूब गए। कचरे के कारण सीवरेज लाइनें जाम हो गर्इं, जिससे गंदा पानी लोगों के मकानों में घुसकर मुसीबत बन गया। अतिक्रमण की वजह से भी पानी की निकासी के सारे रास्ते बंद हो गए। एक दिन की बारिश ने शहर की रंगत बिगाड़  दी। पानी रुकने के कारण लोगों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है, अभी तक स्थानीय