मुंबई की 13 साल रेप पीड़ित को सुप्रीम कोर्ट की ओर से राहत मिली है.सुप्रीम कोर्ट ने रेप पीड़िता को 31 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत दे दी है. जिसके बाद 8 सितंबर को पीड़िता का ऑपरेशन मुंबई के जेजे अस्पताल में किया जाएगा. इसके लिए कोर्ट ने पीड़िता को गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि 20 सप्ताह के बाद भ्रूण के समापन पर प्रतिबंध है.बता दें इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को एक 10 वर्षीय गर्भवती नाबालिग को 32 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति देने से

रोहतक के एक गांव की रहने वाली युवती को गांव का ही एक युवक अपने साथ ले गया और उसे जमकर शराब पिलाई। इसके बाद युवक ने युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। युवती की मुताबिक रविवार देर रात करीब आठ बजे वह अपने घेर में दादा से मिलने के लिए जा रही थी। इसी दौरान गांव का ही युवक नवीन उसे मिला। नवीन उसे बहला फुसलाकर गांव के सरकारी स्कूल में ले गया। जहां युवक ने पहले उसे शराब पिलाई और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। देर रात तक जब पीड़िता अपने घर नहीं पहुंची तो

सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल की रेप पीड़ित लड़की को गर्भपात की इजाजत नहीं दी है। चंडीगढ़ की नाबालिग लड़की 32 हफ्ते की गर्भवती है. कोर्ट ने लड़की की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करते हुए उसकी याचिका को खारिज कर दिया है.  रिपोर्ट में बताया गया है कि गर्भपात करना लड़की और उसके बच्चे दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है.  कोर्ट ने कहा- गर्भपात कराने के लिए अब बहुत देर हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही केंद्र को सुझाव दिया है कि सभी राज्यों में ऐसे मामलों में जल्दी से निर्णय लेने के लिए स्थाई मेडिकल बोर्ड गठित