प्रद्युम्न मर्डर केस में पुलिस की नजर कैसे कई अहम सबूतों पर नहीं गई। यह सवाल पुलिस को संदेह के दायरे में ले आता है। सीबीआई को शक है कि गुरुग्राम पुलिस जानती थी कि असली कातिल कौन है और उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार, मर्डर में 11वीं के छात्र को दोषी मानने के बाद अब सीबीआई साजिश के ऐंगल की ही जांच कर रही है। मर्डर में उस छात्र के शामिल होने के काफी सबूत सीबीआई को मिल चुके हैं लेकिन अब इस बात की जांच हो रही है कि उसे बचाने में

प्रद्युम्न ठाकुर मर्डर केस में 11th क्लास के स्टूडेंट के पिता ने CBI पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "मेरा बेटा पूरी तरह निर्दोष है। सीबीआई उसे प्रताड़ित कर रही है, उसे उल्टा लटकाकर पीटा गया है।" इस बीच, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सीबीआई को जवाब तलब किया है कि एजेंसी ने स्टूडेंट से पूछताछ के दौरान जांच की टाइमिंग का वॉयलेशन क्यों किया। आरोपी स्टूडेंट की रिमांड शनिवार को खत्म हो गई। वकील ने बताया कि स्टूडेंट को 22 नवंबर तक फरीदाबाद के ऑब्जर्वेशन होम में भेजा गया है। इसी दिन इस मामले की अगली सुनवाई भी होनी है। आरोपी

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को निर्ममता से की गई सात साल के मासूम प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या मामले में एक नया मोड़ आया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने अपने अ‌ध‌िकार‌िक बयान में कहा है क‌ि प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या उसी के स्कूल के 11वीं के छात्र ने की है और उस हत्यारोपी छात्र को तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजने की बात भी कही गई है। सीबीआई ने आरोपी छात्र को ग‌िरफ्तार कर ल‌िया है। सीबीआई के प्रवक्ता अभ‌िषेक दयाल का कहना है क‌ि आरोपी छात्र ने प्रद्युम्न की स‌िर्फ इसल‌िए हत्या कर

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस में एक नया मोड़ आ गया है. इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने स्कूल के ही 11वीं के एक छात्र को गिरफ्तार किया है. हत्या के इस मामले में छात्र से पूछताछ की जा रही है. सीबीआई की गिरफ्त में आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार पहले से ही है. इस वारदात के बाद सबसे पहले बस कंडक्टर अशोक कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उस वक्त आरोपी ने हत्या की बात कबूल की थी, लेकिन बाद में वह अपने बयान से पलट गया था. उसने कहा था कि

गुरुग्राम का प्रद्युम्न मर्डर केस और पिंटो परिवार की गिरफ्तारी पर रोक का मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच चुका है. प्रद्युम्न के पिता की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को आदेश दिये कि वो दस दिन में पिंटो परिवार की अग्रिम ज़मानत अर्जी का निपटारा करें. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पिंटो परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर प्रद्युम्न के पिता ने खुशी जताई है. प्रद्युम्न मर्डर केस में गिरफ्तारी से बचने के लिए पिंटों परिवार ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट

गुरुग्राम के चर्चित प्रद्युम्न हत्या कांड मामले की जांच कर रहे एक और अधिकारी का तबादला कर दिया गया है. भोंडसी थाने के एसएचओ नरेंद्र खटाना का पंचकूला में तबादला कर दिया गया है. बता दें कि इसे पहले 29 सितंबर को केस से जुड़ी एसीपी का भी ट्रांसफर कर दिया गया है. दोनों पुलिस अधिकारियों का मामले की सीबीआई जांच शुरू होने के बाद तबादला किया गया है.

रेयान इंटरनैशनल स्कूल की निलंबित प्रिंसिपल नीरजा बत्रा को स्कूल के गुड़गांव सेक्टर 40 ब्रांच में अध्यापक पद पर नौकरी दे गई. स्कूल प्रशासन के इस कदम से एक बार फिर उंगलियां उठ रही हैं. खुद प्रद्युमन के पिता वरुण ने भी प्रशासन के इस कदम पर आपत्ति जताई है. गौरतलब है कि पिछले महीने 8 सितंबर को रेयान स्कूल के भोंडसी ब्रांच में दूसरी कक्षा के प्रद्युमन ठाकुर की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में स्कूल बस के कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन प्रद्युमन के पैरंट्स की मांग पर

हरियाणा के गुरुगाम में रेयान इंटरनेशनल स्कूल में बच्चे की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब लुधियाना में इस स्‍कूल में एक बच्‍चे पर कहर टूटा है। शहर के जमालपुर स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के दो शिक्षकों द्वारा चौथी कक्षा के एक छात्र को पीटने का मामला सामने आया है। परिजनों ने बुरी जख्मी छात्र का सिविल अस्पताल में इलाज कराया और इसकी शिकायत पुलिस को दी। दूसरी ओर, स्कूल की प्रिंसिपल ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। रेयान इंटरनेशनल स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र मनसुख सिंह के पिता जसविंदर सिंह ने बताया कि बुधवार

प्रद्युम्न की हत्या के बाद गुरुग्राम का रेयान इंटरनेशनल स्कूल आज फिर खुल गया है। स्कूल खुलने के बाद अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आए। अभिभावकों ने बताया कि रेयान स्कूल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है, साथ ही टॉयलेट में अटेंडेंट नियुक्त किए गए हैं। स्कूल की बाउंड्री भी सुरक्षा के लिहाज से पूरी कर ली गई है। गुरुग्राम प्रशासन के कामों से अभिभावक काफी हद तक संतुष्ट नजर आए।