हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने स्कूली बच्चों के लिए क्विज बैंक शुरू किया है और इसमें ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के निर्माता और कुछ दूसरी संस्थाओं की मदद की ली गई है. स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के. दास ने  पंचकूला में तीसरी कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए बनाए गए क्विज बैंक की शुरुआत की. इस अवसर पर उन्होंने ‘एजूसेट’ के माध्यम से राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों व खंड शिक्षा अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग द्वारा क्विज बैंक के बारे में दिशा-निर्देश दिए. वीडियो

रेवाड़ी के गोठड़ा टप्पा डहीना में सरकारी स्कूल की छात्राओं ने स्कूल गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। छात्राएं स्कूल के गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गई। छात्राएं स्कूल में टीचर न मिलने से नाराज हैं। दो महीने पहले संघर्ष के बाद छात्राओं ने स्कूल अपग्रेड कराया था। अपग्रेड करते वक्त सीएम मनोहर लाल की सरकार ने स्कूल को 22 टीचर देने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस दौरान दो महीने में आठ में से स्कूल में महज चार ही टीचर रह गए हैं, जिसकी वजह से छात्राओं ने आज फिर धरना किया। धरने के कुछ देर बाद

फरीदाबाद के मुजेड़ी गांव में स्कूल अपग्रेडेशन की मांग को लेकर छात्राएं बारहवें दिन भी धरने पर बैठी हुई है। सोमवार को धरने पर बैठी तीन छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल बीमार छात्राओं का हालचान जानने अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि सरकार को स्कूल अपग्रेड करने में कोई दिक्कत नहीं है, उन्होंने कहा कि वो इसको लेकर सीएम और संबंधित विभाग से बात करेंगे। दरअसल, गांव का स्कूल आठवीं तक हैं और छात्राओं को इससे आगे की पढ़ाई के लिए सात किलोमीटर दूर जाना पड़ाता है। जिससे

रेवाड़ी हरियाणा के रेवाड़ी से शुरू हुआ स्कूल को अपग्रेड करने का आंदोलन अब राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैलता जा रहा है. स्कूल अपग्रेडेशन की मांग को लेकर दो नए मामले सफीदों और पानीपत से सामने आए हैं. सफीदों के गांव रोढ़ में स्कूल अपग्रेड कराने को लेकर छात्राओं ने स्कूल में ताला जड़ दिया है. छात्राओं के साथ उनके परिजन भी अनके समर्थन में खड़े हो गए हैं. छात्राओं का कहना है कि गांव के आसपास कोई भी 12वीं तक स्कूल नहीं है, जिससे आठवीं के बाद ही वो स्कूल छोड़ने को मजबूर हैं. यहां छात्राओं को पढ़ने के लिए

सरकार की नई पहल के बाद अब सरकारी स्कूलों में नौवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ अब प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई और नीट की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. आपको बता दें कि  राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत नवीं और दसवीं के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए नई पहल की गई है. इसके तहत सरकार के स्वयंसिद्धम पोर्टल पर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्टडी मैटीरियल और क्वेश्चन बैंक दिया जाएगा. स्टूडेंट्स ऑनलाइन भी शिक्षकों से सवाल-जवाब कर सकेंगे. नौवीं और दसवीं कक्षा के दौरान ही विद्यार्थियों को जमा दो कक्षा