विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि सरकार अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक भारतीय छात्र की दो सशस्‍त्र लुटेरों द्वारा एक किराने की दुकान में गोली मारकर की गई हत्‍या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर नजर बनाए हुए है और मृतक के परिवार को सभी मदद मुहैया करा रही हैं. I have received a detailed report on the unfortunate death of an Indian student Dharampreet Jasper in California. /1 — Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) November 16, 2017 It was a case of armed robbery of a gas station in which the robbers shot at Dharampreet who was working there. The police have arrested a

कैलिफोर्निया में एक हफ्ते के अंदर दो अलग-अलग घटनाओं में दो सिख अमेरिकी नागरिकों की हत्या कर दी गई। यह जानकारी सामुदायिक संगठनों और मीडिया की खबरों में दी गई है। 68  साल के सुबाग सिंह 23 जून की सुबह लापता हो गए थे जिसके बाद वह एक नहर में मृत पाए गए। उनके शरीर पर जख्म के निशान हैं। कैलिफोर्निया के कानून लागू करने वाले अधिकारियों ने बताया कि वह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि बुजुर्ग सिख की हत्या के पीछे किसका हाथ है। वहीं, दूसरी ओर मोहाली के युवक सिमरनजीत सिंह भंगू (20) का अमेरिका के शहर

अमेरिका में शराब के नशे में धुत यात्रियों ने 25 वर्षीय एक भारतीय कैब चालक से मारपीट की और उसकी पगड़ी खींची। पुलिस इस मामले की जांच संभावित घृणा अपराध के तौर पर कर रही है। घटना रविवार सुबह की है। पीड़ित हरकिरत सिंह तीन वर्ष पहले ही अमेरिका आए थे। वह पंजाब के अप्रवासी हैं। घटना के बाद से सिंह घबराए हुए हैं। सिंह ने न्यूयॉर्क डेली न्यूज से कहा, ‘‘मैं बहुत घबराया हुआ हूं। अब मैं काम नहीं करना चाहता। यह मेरे धर्म, मेरी आस्था का भी अपमान है। यह भयानक है।’ रिपोर्ट में कहा गया कि न्यूयॉर्क पुलिस

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से ओंटोरियो जैसा बिल लाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। ओंटारियो की संसद ने भारत में 1984 के सिख कत्लेआम को नरसंहार करार दिया था। हरसिमरत ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर वैसा ही प्रस्ताव पारित करना चाहिए। सोमवार को जारी एक बयान में हरसिमरत ने कहा कि पंजाब विधानसभा के प्रस्ताव में ओंटारियो संकल्प के सार की झलक दिखाई देनी चाहिए, जिसमें सत्य और न्याय को स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह