साध्वियों से रेप मामले में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा. जानकारी के मुताबिक ईडी ने डेरामुखी की संपत्ति की जांच शुरू कर दी है. हालांकि, इस मामले में जांच एजेंसी से आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की टीम सिरसा स्थित डेरे में पहुंची. वहां से टीम को कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं. हरियाणा पुलिस डेरे से जुड़ी संपत्तियों के बारे में प्रवर्तन निदेशालय को हार्ड डिस्क और एक डायरी सौंप चुकी है. इसके साथ ईडी डेरा

रेप केस में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, रेप केस की दोनों पीड़िताओं ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में बुधवार को एक याचिका दायर की. इस याचिका में अपील की गई कि राम रहीम की 20 साल की सजा को उम्रकैद में बदला जाए. दोनों ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए राम रहीम के कृत्य को ध्यान में रखते हुए सजा बढ़ाए जाने की बात कही है. बता दें ​कि राम रहीम को 15 साल से चल रहे रेप केस में 25 अगस्त को दोषी ठहराया गया

गुरमीत राम रहीम में दायर जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ में सुनवाई शुरू हुई. इसमें कोर्ट कमिश्नर पंवार ने कहा कि सर्च ऑपरेशन पर उनकी रिपोर्ट तैयार है लेकिन इंडेक्स पैंडिंग है. इसलिए हाईेकोर्ट में रिपॉर्ट पेश करने के लिए समय दिया जाए.कोर्ट कमिश्नर ने कहा कि जांच में कुछ खास नहीं मिला. डेरा सच्‍चा सौदा में सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं मिला है काेर्ट कमिश्‍नर एकेएस पंवार ने हाईकाेर्ट में कहा कि सर्च ऑपरेशन महज पोस्‍टमार्टम था. इसमें कुछ भी खास नहीं मिला. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि डेरा और उससे

SIT की पूछताछ में डेरा सच्चा सौदा को लेकर कुछ अहम जानकारी सामने आई है. सिरसा में SIT के डीएसपी कुलदीप सिंह ने जब डेरा सच्चा सौदा के वाईस चेयरमैन डॉ पीआर नैन से पूछताछ की तो उन्होंने हड्डी और कंकाल से जुड़े कुछ दस्तावेज SIT को सौंपे. पूछताछ के बाद मीडिया से बात करते हुए डीएसपी कुलदीप ने बताया कि पंचकूला और सिरसा दंगों को लेकर डॉ पी आर नैन से पूछताछ की गई है और इस पूछताछ में डॉ नैन ने छह सौ अस्थिदान का रिकार्ड भी SIT की टीम को सौंपा है. डीएसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि

सिरसा में राम रहीम रहीम सिंह को साध्वी यौन शोषण मामले में सुनवाई के दौरान लगाया गया कर्फ्यू आज खत्म हो गया है. अब शहर में कहीं भी जाने पांबदी नहीं है. हालांकि ऐहतियात के तौर पर अलग- अलग जगह लगे 16 नाकों पर 200 के करीब सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. इससे पहले कोर्ट कमिश्नर की अगुवाई में डेरे में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. ऑपरेशन के दौरान डेरे में सीक्रेट टनल मिली थी. जो सध्वियों के कमरे तक जाती है. हालांकि कयास लगाए जाए रहे थे कि सर्च ऑपरेशन के दौरान डेरे में खुदाई भी की जा सकती है जिससे डेरे

सिरसा डेरे को लेकर खुलासों का दौर जारी है.इसी बीच डेरे के पूर्व अनुयायी हकीकी हंस ने भी एक बड़ा खुलासा किया है.हकीकी हंस ने बताया कि विपाशना असली डेरा प्रमुख नहीं है बल्कि उसके पीछे कई चेहरे छिपे हैं.हकीकी ने बताया कि गुरमीत राम रहीम महिलाओं को डेरा में पद देकर सामने इसलिए रखता है ताकि एक मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहे और कोई उसपर सवाल नहीं उठा सके.हकीकी ने बताया कि असल में डेरा चलाने वाले और लोग हैं.जिसमें डॉक्टर नैन, सुखदेव दिवाना, दान सिंह, गुरमीत राम रहीम का साला गुरबाज, डॉक्टर आदित्य, विक्की, नवीन ऊर्फ प्रवीण शामिल हैं.ये

राम रहीम के डेरा हेडक्वार्टर में तीन दिन तक चला सर्च ऑपरेशन रविवार को पूरा हुआ. हरियाणा सरकार के डिप्टी डायरेक्टर सतीश मेहरा ने बताया कि अब कोर्ट कमिश्नर अपनी रिपोर्ट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को सौंपेंगे. सिरसा और उसके आसपास के इलाकों में आज से एसएमएस, इंटरनेट और रेल सर्विस बहाल कर दी जाएगी. लेकिन सिरसा डेरे के आसपास कर्फ्यू जारी रहेगा. हालांकि, सुबह-शाम एक एक घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी जाएगी. फिलहाल डेरा में कहीं भी खुदाई नहीं की गई है। शनिवार को हुई सर्चिंग में राम रहीम के डेरे में एक सीक्रेट टनल मिली थी। इसका रास्ता राम

सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय की तलाशी अभियान शुरू हो गया है. सर्च ऑपरेशन के पहले दिन टीम राम रहीम की गुफा तक जा पहुंची जहां उन्हें दो बच्चों सहित कुल पांच लोग मिले. वहीं डेरे में तलाशी के दौरान बिना लेबल की दवाईयां, बिना नंबर प्लेट की गाड़ी और ओबी वैन भी बरामद की गई है. वहीं 12 हजार रुपये की नई और 7 हजार की पुरानी करंसी भी बरामद की गई है. सर्च ऑपरेशन में कम्प्यूटर हार्ड डिस्क और कैश बरामद किया गया है. दो कमरों को भी सील किया है. तलाशी से पहले सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया

चरखी दादरी के तिवाला गांव में एक महिला ने अपनी भतीजी को सिरसा डेरे से मुक्त कराने की गुहार लगाई है। पीड़ित महिला का कहना है कि दस साल पहले भाई और बहन को डेरे में सेवा के लिए भेजा गया था, लेकिन उनके बेटे को करनाल के नाम चर्चा घर में भेज दिया गया और लेकिन डेरे के लोग उसकी भतीजी के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे रहे हैं। पिछले सात साल में उनकी केवल दो बार ही बात हुई है. अब पीड़ित परिवार ने सीएम से मदद की गुहार लगाई है।