लखनऊ  सीनियर एसपी नेता मुलायम सिंह यादव ऐतिहासिक राजनीतिक यूटर्न्स के लिए जाने जाते हैं। क्या सोमवार को भी उन्होंने कुछ ऐसा ही यूटर्न लिया? दरअसल, अटकलें थीं कि अपने बेटे और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से समझौता न होने की वजह से वह नई पार्टी का ऐलान करेंगे। मुलायम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो सही, लेकिन वह योगी सरकार से लेकर मोदी सरकार पर बोलते रहे। इस बीच, एक दूसरी प्रेस रिलीज सामने आई है, जिसके कुछ शब्दों को पढ़कर अलग ही कहानी नजर आती है। इस प्रेस रिलीज में लिखे शब्दों को पढ़ें तो ऐसा आभास होता है कि मुलायम

समाजवादी पार्टी का बड़ा झटका लगा है. पार्टी के तीन विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) ने शनिवार को अपना इस्तीफा दे दिया है. मधुकर जेटली, यशवंत सिंह और बुक्कल नवाब ने अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया है. एसपी के तीन एमएलसी के इस कदम से उत्तर प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है. सूत्रों के अनुसार त्यागपत्र देने वाले तीनों एमएलसी न तो अखिलेश यादव गुट में थे और न शिवपाल सिंह यादव के पाले में. अटकलें लगाई जा रही हैं कि यशवंत सिंह और मधुकर जेटली द्वारा छोड़ी गई सीट से सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा विधानसभा

लखनऊ समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में सूबे की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि बीजेपी ने जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटकर और झूठे वादे कर सत्‍ता हासिल की है. यह सरकार लोगों को धोखा देकर बनी है. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी के झूठ के खिलाफ रास्‍ता खोले जाने की जरूरत है. इसके लिए विपक्षी दलों के गठबंधन की जरूरत होगी. इस गठबंधन में सपा की अहम भूमिका होगी. वैसे भी सपा सभी के साथ हैं. उन्‍होंने यह भी कहा कि इसके लिए देश के सभी नेताओं से बात

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे पास आते जा रहे हैं वैसे-वैसे समाजवादी पार्टी में कलह बढ़ती हा जा रहा है. लखनऊ में गुरुवार को समाजवादी पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर मची कलह के बीच सीएम अखिलेश यादव ने 403 विधानसभा सीटों में से 235 उम्मीदवारों की नई सूची जारी कर दिया. ये सूची सीएम हाउस की तरफ से जारी किया गया है. इसके बाद देर रात सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी 68 उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी कर दी है. इनमें सपा के विधायकों की 16 और गैर विधायकों की 52 सीटें शामिल हैं. इस नई लिस्ट में उन